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छोटा दीपक, बड़ा प्रकाश — कविता साव

 

एक छोटे से गाँव में आरव नाम का एक लड़का रहता था। वह बहुत ही साधारण था, परन्तु हमेशा बड़ा बनने का सपना देखा करता था। गाँव के बड़े-बुजुर्ग अक्सर उसे कहते,
“बड़ा बनने के लिए तेरे पास विशेष गुण होने चाहिए।”

एक दिन गाँव में काली रात और तेज़ आँधी आई। सारे गाँव के लोग डर से घर में छिप गए।
लेकिन आरव ने देखा कि एक छोटा दीपक गाँव के मंदिर में जल रहा है। दीपक इतना छोटा था कि कोई उसे ताकतवर नहीं समझता, पर उसकी रोशनी ने अँधेरा दूर कर दिया और रास्ता दिखाया।
आरव ने सोचा,
“अगर यह छोटा दीपक अँधेरा दूर कर सकता है, तो मैं भी अपने छोटे-छोटे प्रयासों से दूसरों की मदद कर सकता हूँ।”
उस दिन से आरव ने मेहनत करनी शुरू की, दूसरों की मदद की और कभी हार नहीं मानी। वर्षों बाद वह गाँव के सबसे सम्मानित शिक्षक और मार्गदर्शक बन गया।
शिक्षा,
छोटा प्रयास भी बड़ा परिवर्तन ला सकता है। प्रकाश हमेशा आकार से नहीं, बल्कि अपने गुण से पहचानता जाता है।
कविता साव
पश्चिम बंगाल

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