Uncategorized

ईश्वर पर आस्था के चलते धार्मिक स्थलों पर भीड़ इकठ्ठी करना और हादसों को दावत देना कहाँ तक उचित है — रमेश शर्मा

हमारी सनातन संस्कृति में धर्म की परिभाषा स्पष्ट है ” धारयति इति धर्म:” । दूसरा आस्था और अंधविश्वास में फर्क है। लोग आस्था की वजह से धार्मिक स्थलों पर नहीं जाते बल्कि अंधविश्वास की वजह से धार्मिक स्थलों पर भीड़ इकठ्ठी करते हैं जो उचित व्यवस्था के अभाव में हादसों को जन्म देते हैं।
सबसे बड़ी बात यह है कि हम मन से हमारे साधू संतों द्वारा दिए गए उपदेशों के माध्यम से दी गई नसीहतें पर अमल नही करते बल्कि दिखावा करने के लिए धार्मिक स्थलों पर भीड़ इकठ्ठी करने जाते हैं।
रमेश शर्मा

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!