नव वर्ष समय का बदलाव या जीवन का बदलाव– पालजीभाई राठोड़ ‘प्रेम’ (सुरेंद्रनगर-गुजरात)

नया वर्ष हमारे जीवन में नए विचार नई ऊर्जा और नई संकल्पों के आगमन का प्रतीक है। नव वर्ष समय का बदलाव के साथ ही जीवन का बदलाव होता है। हर नव वर्ष पर हमारी सकारात्मक सोच होनी चाहिए। आगामी समय में कुछ बेहतर करने का भी संकल्प लेना चाहिए। बुराइयों को दूर कर अच्छा योग को अपनाना चाहिए। होने वाली अपनी कमियों पर विचार विमर्श करके उन्हें सुधारने का प्रयास करना अति आवश्यक है। हमें स्वयं का आत्म निरीक्षण करने का प्रयास करना। नया वर्ष हमारे भीतर एक नई ऊर्जा का संचार करता है।नए साल हमारी उम्र में बढ़ोतरी होती है इसके साथ अच्छे परिणाम प्राप्त करने हेतु इस दिशा में प्रयास करना चाहिए। गुजरे वर्ष को बीत गया सो बीत गया बोल कर छोड़ना नहीं चाहिए।उसकी त्रुटियों को सुधारना और पुन: गलती ना हो दोहराना नहीं ऐसा संकल्प करना चाहिए। कर्तव्य पथ पर चलने की निरंतर कोशिश जारी रखना चाहिए। समय निरंतर बहता रहता है। उसे न रोकना संभव है ना बदलना।
हमें हमारे जीवन में बदल लाना चाहिए। परिस्थितियों स्वयं बदल जाएगी।जीवन में कभी उम्मीद ना छोड़ो ये शाम क़भी ख़ुशनुमा भी होगी
ये ज़ो सूरज डूब रहा है, इसी से कल रौशनी भी होगी।कल ना हम होंगे ना गिला होगा सिर्फ सिमटी हुई यादों का सिलसिला होगा जो लम्हे हैं चलो हंस कर यारों के संग बिता लें जाने कल जिंदगी का क्या फैसला होगा।
पालजीभाई राठोड़ ‘प्रेम’
(सुरेंद्रनगर-गुजरात)




