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गोविंद देव जी मंदिर में पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ, वैदिक मंत्रों से गूंजा वातावरण

 

जयपुर, 3 मई। अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में रविवार को गोविंद देव जी मंदिर प्रांगण में निशुल्क पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ का भव्य आयोजन किया गया। मंदिर महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सानिध्य में संपन्न इस आयोजन में चार पारियों के दौरान ढाई सौ से अधिक श्रद्धालुओं ने विश्व कल्याण की भावना से यज्ञ भगवान को आहुतियां अर्पित कीं। पूरा वातावरण वैदिक मंत्रोच्चार और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा।यज्ञ का संचालन गायत्री शक्तिपीठ ब्रह्मपुरी के व्यवस्थापक सोहनलाल शर्मा के निर्देशन में हुआ। आचार्य पीठ से डॉ. राजकुमार सातनकर एवं तुलाराम ने विधि-विधान से यज्ञ सम्पन्न करवाया। इस अवसर पर डॉ. सातनकर ने कहा कि यज्ञ केवल कर्मकांड नहीं, बल्कि एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है, जिसमें अर्पित सामग्री सूक्ष्म रूप में परिवर्तित होकर वातावरण को शुद्ध करती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है। उन्होंने बताया कि जहां नियमित हवन होता है, वहां एक प्रकार का सुरक्षा कवच निर्मित होता है, जो नकारात्मक शक्तियों से रक्षा करता है। उन्होंने समाजसेवा का संदेश देते हुए आह्वान किया कि प्रत्येक व्यक्ति अपने समय, साधन, श्रम, ज्ञान और धन का एक अंश जरूरतमंदों के लिए नियमित रूप से समर्पित करे।

महायज्ञ के दौरान “युग निर्माण सत्संकल्प” का सामूहिक पाठ कराया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने समाज और राष्ट्र के उत्थान का संकल्प लिया। कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि दो बच्चों के जन्मदिन भारतीय संस्कृति के अनुरूप यज्ञ के साथ मनाए गए। बच्चों द्वारा पंचतत्व पूजन किया गया और उपस्थित जनों ने पुष्प वर्षा कर उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया। इस अवसर पर गायत्री चेतना केंद्र, जनता कॉलोनी की ओर से साहित्य स्टॉल भी लगाया गया, जहां श्रद्धालुओं की उल्लेखनीय भीड़ उमड़ी। डिजिटल युग के बावजूद लोगों ने जीवनोपयोगी पुस्तकों में रुचि दिखाई। विशेष रूप से बच्चों के लिए बाल निर्माण की कहानी पुस्तकों को लागत मूल्य पर उपलब्ध कराया गया, जिन्हें बड़ी संख्या में खरीदा गया। गायत्री मंत्र से संबंधित साहित्य, तांबे के पत्र और मंत्र स्टिकर भी आकर्षण का केंद्र रहे।
कार्यक्रम की पूर्णाहुति पर श्रद्धालुओं ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए पक्षियों के लिए परिंडे लगाने तथा उनमें नियमित जल भरने का प्रण लिया। साथ ही कई लोगों ने प्रतिदिन 15 मिनट गायत्री महामंत्र जप कर विश्व कल्याण की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

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