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कल्प कथा मंजूषा मंच जगमगाया काजल पवार की कहानियों से। सेना और सैनिकों का सम्मान करना हर भारतवासी का धर्म है। – कल्पकथा परिवार

 

प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की कृपा से संचालित कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार की संवाद प्रभारी श्रीमती ज्योति राघव सिंह ने बताया कि परमवीर चक्र विजेता मेजर बाना सिंह के जन्म दिवस पर कल्प कथा मंजूषा मंच मुनिरका दिल्ली की विद्वान कथाकार श्रीमती काजल पवार जी की राष्ट्र भक्ति और सामाजिक चिंतन की कहानियों से जगमगाया।

अहमदाबाद गुजरात की वरिष्ठ चिंतक डॉ श्रीमती नलिनी शर्मा कृष्ण जी के मंच संचालन के कार्यक्रम में काजल जी ने गुलजार और असली दिवाली कहानियों का वाचन किया। जिनमें एक और तो बिना वर्दी के देश के लिए प्राण न्यौछावर करने वाले बलिदानियों के सदैव के लिए अनकहे बलिदान ने हृदय को स्पर्श किया वहीं दूसरी और सामाजिक चिंतन की धारा शब्दों से प्रवाहित हुई।

कल्पकथा साहित्य संस्था के यूट्यूब चैनल पर सीधे प्रसारण के समीक्षा एवं समालोचना के विशेष प्रारूप के आयोजन में रोमांचक गतिविधियों जैसे बंजी जंपिंग, राफ्टिंग, ट्रैकिंग, पैराग्लाइडिंग, के साथ योग और नृत्य में रुचि रखने वाली कहानीकार श्रीमती काजल पवार जी को कल्प कथा मंजूषा पत्रम से सम्मानित करते हुए उन्हें भविष्य हेतु मंगलकामनाएं प्रेषित की गईं।

समीक्षक श्रीमती भावना भारद्वाज जी, एवं समालोचक श्री चंद्र प्रकाश गुप्त चन्द्र बुंदेला जी की विशिष्ट भूमिकाओं से सजे इस अवसर पर विशेष रूप से आयोजन की प्रशंसा करते हुए कल्पकथा संस्थापक दीदी श्रीमती राधा श्री शर्मा ने कहा कि आज हमारा देश जिनके शौर्य और बलिदान से सुरक्षित और निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है ऐसी हमारी सशक्त भारतीय सेना और वीर सैनिकों का सम्मान करना हर भारतवासी का धर्म है।

कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रगीत वन्दे मातरम् स्मरणोत्सव १५०वें वर्ष में अमर बलिदानियों के सम्मान में वन्दे मातरम् का गायन किया गया तत्पश्चात आमंत्रित अतिथियों, सहभागी साहित्यकारों, एवं दर्शकों को आभार प्रकट करने बाद सर्वे भवन्तु सुखिन: श्लोक पाठ के साथ कार्यक्रम को विश्राम दिया गया।

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