ललितजी भाई साहब जैसे स्वयंसेवक, राजनेता विरले ही देखने को मिलते हैं, -प्रो. चतुर्वेदी की पुण्यतिथि पर ‘राजस्थान शिरोमणि सम्मान 2026’ का आयोजन

जयपुर। प्रो. ललित किशोर चतुर्वेदी विचार मंच की ओर से संगठननिष्ठ राजनेता एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रो. ललित किशोर चतुर्वेदी की पुण्यतिथि के पर ‘प्रो. चतुर्वेदी स्मृति राजस्थान शिरोमणि सम्मान 2026’ समारोह का आयोजन जवाहर नगर स्थित माहेश्वरी पब्लिक स्कूल के तक्षशिला सभागार में किया गया। कार्यक्रम में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने कहा कि प्रो. चतुर्वेदी का पूरा जीवन सेवा, संगठन और कार्यकर्ताओं के लिए समर्पित रहा। उन्होंने 1965 में प्रोफेसर पद से त्यागपत्र देकर राजनीति को सेवा का माध्यम बनाया और जीवनपर्यंत उसी मिशन पर कार्य करते रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय संघचालक डॉ. रमेश चंद्र अग्रवाल ने की। मुख्य वक्ता एवं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि प्रो. चतुर्वेदी सुचिता की राजनीति के प्रवर्तक थे और उन्होंने ओम बिरला, भवानी सिंह राजावत, किरोड़ीलाल मीणा, गुलाब चंद कटारिया, अरुण चतुर्वेदी तथा सतीश पूनिया जैसे अनेक नेताओं को तैयार कर राजनीति में आगे बढ़ाया।
सांसद मंजू शर्मा,
आदर्श स्वयंसेवक और विरले राजनेता थे ललित किशोर चतुर्वेदी- गोपाल शर्मा:
प्रो. ललित किशोर चतुर्वेदी विचार मंच के अध्यक्ष तथा सिविल लाइंस विधायर्क ने प्रो. ललित किशोर चतर्वेदी के साथ अपने दीर्घ आत्मीय संबंधों का उल्लेख करते हुए उन्हें आदर्श स्वयंसेवक और विरले राजनेता बताया,
उन्होंने कहा कि असंख्य भाजपा कार्यकर्ताओं के प्रेरणापुंज ललित जी भाईसाहब का निष्कलंक जीवन हम जैसे लाखों कार्यकर्ताओं सहित सामाजिक क्षेत्र में काम करने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए मिसाल है। उनकी सादगी, ईमानदारी और सबको जोडक़र रखने का स्वभाव सदैव प्रेरणा देता है। संगठन की मजबूती और राजस्थान का विकास… यही उनका ध्येय रहा… परिस्थितियां चाहे जैसी हों।
कोटा से 21 साल तक रहे विधायक:
सांगलिया धूणी, सीकर से पधारे ओमदास महाराज ने भी में प्रो. चतुर्वेदी को श्रद्धांजलि अर्पित की। जयपुर शहर सांसद मंजू शर्मा ने पारिवारिक संस्मरण साझा किए। वक्ताओं ने प्रो. चतुर्वेदी के सार्वजनिक जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे 1977 से 1998 तक कोटा से 21 वर्ष तक विधायक रहे तथा 1977-80, 2000-02 और 2003-08 के दौरान कुल 11 वर्ष तक राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे। वे 1988-89 और 2004-06 में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष तथा 2004 से 2010 तक राज्यसभा सांसद भी रहे। उनका महाप्रयाण 5 अप्रैल 2015 को हुआ।
प्रतिभाओं को मिला राजस्थान शिरोमणि सम्मान:
समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रतिभाओं को ‘राजस्थान शिरोमणि सम्मान’ से सम्मानित किया गया। सम्मानित व्यक्तियों में राजनीतिक क्षेत्र में पं. रामकिशन (भरतपुर), लाइफटाइम अचीवमेंट में अनिला कोठारी (जयपुर), शिक्षा में प्रदीप कुमावत (उदयपुर), प्रशासनिक सेवा में ललित के. पंवार (बालोतरा), चिकित्सा में डॉ. विजय सरदाना (कोटा), मीडिया में मनीष शर्मा (जयपुर), व्यवसाय में कमलेश शर्मा (करौली), कला में पद्मश्री उस्ताद अनवर खां मंगणियार (जैसलमेर) तथा गौसेवा में भारत सिंह राजपुरोहित (पाली) शामिल रहे। इसके अतिरिक्त निर्धन रोगी उपचार प्रकल्प से जुड़े कोटा के अनिल औदिच्य एवं जयपुर के हनुमान खंडेलवाल को भी उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। शिक्षा क्षेत्र में सम्मानित प्रदीप कुमावत द्वारा लिखित महाराणा प्रताप पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी किया गया।कार्यक्रम संयोजक डॉ. सीमंतिनी लोकेश चतुर्वेदी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए प्रो. चतुर्वेदी के जीवन की प्रमुख उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। विचार मंच के महासचिव डॉ. लोकेश ललित चतुर्वेदी ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन विवेकानंद शर्मा ने किया।




