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लखनऊ में सजा साहित्य का भव्य समागम — “जश्न-ए-अवध साहित्य उत्सव 2.0” ने रचा नया कीर्तिमान

 

लखनऊ । काव्य मंजूषा द्वारा आयोजित “जश्न-ए-अवध साहित्य उत्सव 2.0” का भव्य एवं गरिमामय आयोजन 5 अप्रैल को लखनऊ के प्रतिष्ठित होटल मैजिस्ट्रिक, IIM रोड में अत्यंत सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। देश के विभिन्न प्रांतों से पधारे प्रख्यात साहित्यकारों, कवियों एवं रचनाकारों की उपस्थिति ने इस आयोजन को राष्ट्रीय स्तर पर उच्च साहित्यिक और गरिमामय आयाम प्रदान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता आदरणीय विनोद कुमार तिवारी जी ने की, वहीं मुख्य अतिथि के रूप में जगन्नाथ राय ‘जगन’ जी एवं संजय कुमार राव जी की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को प्रतिष्ठा की नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। विशिष्ट अतिथियों में प्रकाश मित्रवत जी, डॉ. ब्रजभूषण जी एवं कृष्ण कुमार दूबे जी ने अपनी उपस्थिति से मंच को गौरवान्वित किया।

कार्यक्रम का संचालन आदरणीया डॉ. किरन दयाल “स्नेही” जी, डॉ. मंजु कर्नाटक जी, निर्दोष कुमार “विन” जी एवं डॉ. इंद्रजीत सिंह “इंद्र” जी द्वारा अत्यंत सधे, प्रभावशाली एवं ऊर्जावान शैली में किया गया, जिसने पूरे आयोजन को उत्कृष्ट के उच्च स्तरीय बनाए रखा।
इस बहुआयामी साहित्यिक उत्सव में देश के विभिन्न शहरों—लखनऊ, दिल्ली, बरेली, वाराणसी, मिर्जापुर, अमेठी, गोरखपुर, देहरादून, पुणे, कोलकाता, बीकानेर, चित्रकूट, मधुबनी सहित अनेक स्थानों से पधारे रचनाकारों ने अपनी सशक्त रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कविता, ग़ज़ल, गीत एवं विचारों की विविध विधाओं ने पूरे वातावरण को साहित्यिक गरिमा और संवेदनशीलता से परिपूर्ण कर दिया।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण कर्नाटक से पधारे शैलेन्द्र सोलंकी जी की पुस्तक “आग़ाज़” का भव्य विमोचन रहा। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों एवं साहित्यकारों ने पुस्तक के सृजन को सराहा और लेखक को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं।

इस अवसर पर जिन प्रमुख रचनाकारों ने अपनी गरिमामय उपस्थिति एवं रचनात्मक प्रस्तुति से कार्यक्रम को समृद्ध किया, उनमें—
प्रकाश मित्रवत (मधुबनी, बिहार), डॉ. किरन दयाल “स्नेही” (लखनऊ), डॉ. मंजु कर्नाटक (लखनऊ), डॉ. नवीन जोशी “नवल” (दिल्ली), डॉ. रेणु मिश्रा (लखनऊ), विशु तिवारी (बीकानेर), निर्दोष कुमार “विन” (बरेली), रिज़वान फरीदी (बरेली), डॉ. ब्रजभूषण (बरेली), मनोज पाण्डेय “मुसाफ़िर” (अमेठी), संजीव कुमार “तनिक” (बरेली), अजय वर्मा “मासूम” (लखनऊ), डॉ. अजय वर्मा “साथी” (लखनऊ), सर्वेश कुमार दुबे (वाराणसी), डॉ. सर्वेश अग्रहरि “वियोगी” (मिर्जापुर), डॉ. अजय वर्मा (लखनऊ), डॉ. सुरभि श्रीवास्तव (लखनऊ), अभिलाषा “अरुण” (पुणे), मयंक तिवारी (बरेली), इसरार अहमद (बरेली), डॉ. सुषमा श्रीवास्तव (लखनऊ), अलका निगम (लखनऊ), गायत्री जोशी (लखनऊ), कुलदीप शुक्ला ‘जोश’ (लखनऊ), दीपांशी शुक्ला (लखनऊ), जगन्नाथ राय ‘जगन’ (गाजियाबाद), डॉ. इंद्रजीत सिंह “इंद्र” (दिल्ली), विक्रम सिंह यादव ‘बरनी’ (देहरादून), उदय कुमार “भास्कर” (बिहार), विनय साहू “निश्चल” (चित्रकूट), संजय कुमार राव (गोरखपुर), डॉ. नीरज प्रजापति (वाराणसी), कृष्ण कुमार दूबे (कोलकाता), नेहा शिवम् सक्सेना (लखनऊ), शशि तिवारी (लखनऊ), आशीष भदौरिया (लखनऊ), शैलेन्द्र सोलंकी (कर्नाटक), आशुतोष तिवारी “आशु” (लखनऊ), प्रीति पाण्डेय (लखनऊ), फैज़ान बरेलवी (बरेली), चेतना तिवारी (बनारस), प्रियंका अग्निहोत्री “गीत” (बनारस) एवं डॉ. ऋतु तिवारी।
इस सफल आयोजन के सूत्रधार के रूप में काव्य मंजूषा पटल की संस्थापिका डॉ. ऋतु तिवारी जी का योगदान अत्यंत सराहनीय रहा। उनके दूरदर्शी नेतृत्व, उत्कृष्ट संयोजन एवं साहित्य के प्रति समर्पण ने इस आयोजन के मंच को एक विशिष्ट ,उच्चस्तरीय साहित्यिक प्रस्तोता के रूप में स्थापित किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया गया, जिसने रचनाकारों के उत्साह को और प्रबल किया। संपूर्ण आयोजन में अनुशासन, गरिमा एवं सृजनात्मक ऊर्जा का अद्भुत समन्वय देखने को मिला।
अंततः आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे भव्य साहित्यिक गोष्ठियों के निरंतर आयोजन का संकल्प व्यक्त किया गया।

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