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एक अविस्मरणीय दिन — श्रीनिवास एन, आंध्रप्रदेश

 

मैं विजय हूं मैं ग्रामीण प्रांत में रहता हूं। बचपन  से मेरी आशा होती है कि एक पर्वत के चट्टान पर बैठकर ऊपर से विश्व को देखने की रुचि होती है। इस कारण से मैं निरंतर अनजानी विषय को पता करके मेहनत करता हूं। इसी असंभ कार्य को संभव कैसे करते हैं। इसी विचार मेरे मन में निरंतर घूमता है l इसकेलिए मै बड़ों की सूचना लेकर और इस पहाड़ के रूट म्याप जानकार ऊँचे शिखर जाने केलिए निर्णय लेता हूं ,और मैं आत्म विश्वास के साथ आत्म निग्रह जोड़कर, अनेक उलझनों के हल करके, इस पहाड़ पर चढ़ने के लिए दृढ़ संकल्प लेकर पहली कदम उठा। इसके साथ समय को दृष्टि में रखकर,
सावधान से पर्वत शिखर पर बैठा। मैं
वहां से नीचे की ओर देखने से अदभुत होता है संसार। इससे मेरे मन में होनेवाली इच्छा पूरा हो चुका। इसलिए मेरे जीवन में एक अविस्मरणीय दिन होता है। ये भगवान की कृपा से मुझ को  शक्ति मिली है।

श्रीनिवास एन, आंध्रप्रदेश

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