उर्दू अकादमी के पाँच दिवसीय ‘नए पुराने चिराग़’ मुशायरे में संजय कुमार गिरी का काव्यपाठ

नई दिल्ली, कश्मीरी गेट। दिल्ली सरकार के उर्दू अकादमी के तत्वावधान में 26 सितम्बर से 30 सितम्बर तक पाँच दिवसीय साहित्यिक एवं सांस्कृतिक महोत्सव नए पुराने चिराग़ का भव्य आयोजन जारी है। यह आयोजन उर्दू अदब और शायरी को प्रोत्साहित करने तथा नई और पुरानी पीढ़ी के शायरों को साझा मंच प्रदान करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।शनिवार, 27 सितम्बर को कार्यक्रम के दूसरे दिन शाम का सत्र विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इस सत्र की निज़ामत प्रसिद्ध शायर फ़रीद अहमद फ़रीद ने बड़े खूबसूरत अंदाज़ में की। उनकी सधी हुई मेज़बानी ने महफ़िल को गरिमा और रौनक से भर दिया। इसी अवसर पर शायर संजय कुमार गिरी ने अपने चुनिंदा अशआर और ग़ज़लें सुनाकर श्रोताओं के दिलों को छू लिया। उनकी शायरी में जज़्बात की गहराई, समकालीन सरोकारों की झलक और उर्दू अदब की मिठास साफ़ महसूस की गई। उपस्थित श्रोताओं ने बार-बार दाद देकर उनके कलाम की सराहना की।कार्यक्रम में कई अन्य शायरों और साहित्य प्रेमियों की मौजूदगी रही, जिन्होंने इस आयोजन को एक यादगार शाम बना दिया। पाँच दिवसीय इस मुशायरे का उद्देश्य उर्दू भाषा और साहित्य को नई पीढ़ी तक पहुँचाना है, और इसमें दिल्ली के साथ-साथ देशभर से नामचीन शायर शिरकत कर रहे हैं।नए पुराने चिराग़ का यह उत्सव 30 सितम्बर तक चलेगा, जिसमें हर शाम शायरी और अदब के नए रंग देखने को मिलेंगा।



