वो पहली चिट्ठी — बीना पाटनी

वो पहली चिट्ठी, दिल की कहानी लिख गई,
प्यार की भाषा में, दिल की आवाज उठ गई।
सच की राह पर, दिल की बात कह गई,
वो पहली चिट्ठी, प्यार की आशा जग गई।
दिल की दर्द को, शब्दों में ढाल गई,
प्यार की खुशी को, दिल में पाल गई।
वो पहली चिट्ठी, दिल की आशी बन गई,
प्यार की उम्मीद को, दिल में जाग गई।
वो पहली चिट्ठी, जिसमें थी दिल की चाहत,
प्यार की भाषा में, दिल की बात कह गई।
वो पहली चिट्ठी, जिसमें थी दिल की उम्मीद,
प्यार की आशा को, दिल में जग गई।
वो पहली चिट्ठी, दिल की कहानी लिख गई,
प्यार की भाषा में, दिल की आवाज उठ गई।
वो पहली चिट्ठी, जिसमें थी दिल की दर्द,
प्यार की खुशी को, दिल में पाल गई।
वो पहली चिट्ठी, जिसमें थी दिल की आशी,
प्यार की उम्मीद को, दिल में जाग गई।
वो पहली चिट्ठी, जिसमें थी दिल की चाहत,
प्यार की भाषा में, दिल की बात कह गई।
बीना पाटनी पिथौरागढ़ उत्तराखंड




