असंगठित महिला कामगारों ने मनाया 115वां अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस

आलोक अवस्थी। नजर इंडिया 24, ब्यूरो चीफ
जयपुर, 7 मार्च 2026। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर मेहनतकश कल्याण एवं संदर्भ केंद्र संस्था के संयुक्त तत्वावधान में असंगठित महिला कामगारों द्वारा एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य संघर्षशील कामगार महिलाओं के सशक्तिकरण तथा उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों की कहानियों को साझा करना था। कार्यक्रम में महिलाओं और बेटियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार उन्होंने समूह बनाकर अपने जीवन में बदलाव लाया और अपने परिवार को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर महिलाओं ने अपने संघर्षों की प्रेरणादायक कहानियाँ सुनाईं तथा सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी दीं।
संस्था की सचिव मेवा भारती ने कहा कि समाज में लंबे समय तक महिलाओं के श्रम को उचित मूल्य नहीं मिला। चाहे घर-परिवार का कार्य हो या नियोक्ता के घर में किया जाने वाला श्रम, महिलाओं को अक्सर कमतर आंका गया। लेकिन जब महिलाओं ने संगठित होकर अपने समूह बनाए और संघर्ष किया, तब उनके अधिकारों में धीरे-धीरे सुधार हुआ। उन्होंने बताया कि अब कई महिलाओं को काम के स्थानों पर मासिक चार छुट्टियाँ मिलने लगी हैं और उनके वेतन में भी वृद्धि हुई है। साथ ही सरकार द्वारा न्यूनतम वेतन लागू किए जाने से भी महिलाओं को लाभ मिल रहा है।
कार्यक्रम में विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव पल्लवी शर्मा ने महिलाओं को विधिक सेवा प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि यह संस्था श्रमिकों, कमजोर वर्गों और महिलाओं को निःशुल्क कानूनी सहायता और न्याय प्रदान करने का कार्य करती है। इस अवसर पर डॉ. प्रीतम पाल ने महिलाओं को उनके शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया और स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कामगार महिलाएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संचालन रमावती ने किया। कार्यक्रम में अधिकार मित्र सरिता चौधरी व गणमान्य लोग उपस्थित रहे



