विज्ञान जगत का उभरता सितारा बुझा, महाराजगंज के युवा वैज्ञानिक राहुल सिंह का लखनऊ में निधन

अरविंद शर्मा ब्यूरो चीफ नज़र इन्डिया 24
सिसवा बाजार (महाराजगंज)। महाराजगंज जनपद के सिसवा नगर पालिका क्षेत्र के इंदिरा नगर वार्ड (आसमान छपरा) निवासी युवा वैज्ञानिक एवं ड्रोन इनोवेटर राहुल सिंह का लखनऊ में संदिग्ध परिस्थितियों में निधन हो गया। इस दुखद घटना से परिवार, क्षेत्र और विज्ञान जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
जानकारी के अनुसार, 22 वर्षीय राहुल सिंह का शव लखनऊ के विभूतिखंड स्थित एक होटल के कमरे में मंगलवार सुबह मिला। राहुल मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MMMUT), के डिजाइन, इनोवेशन एंड इंक्लूजन सेंटर में शोध कार्य कर रहे थे। सूचना मिलते ही विभूतिखंड पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची तथा साक्ष्य एकत्र कर जांच शुरू कर दी।
पुलिस के मुताबिक, राहुल सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे होटल के तीसरी मंजिल स्थित कमरे में ठहरे थे। मंगलवार सुबह काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुलने और फोन का जवाब न मिलने पर होटल कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मास्टर-की और आवश्यक बल प्रयोग से दरवाजा खोला, जहां राहुल मृत अवस्था में मिले। कमरे से खाने-पीने का सामान और उल्टी के निशान भी मिले हैं।
घटना की सूचना मिलने पर परिजन लखनऊ पहुंचे। राहुल के भाई रोहित ने आरोप लगाया कि राहुल ने 85 लाख रुपये का एक ड्रोन प्रोजेक्ट लिया था, जिसमें 62 लाख रुपये का भुगतान हो चुका था। उनका कहना है कि प्रोजेक्ट निरस्त होने के बाद राहुल पर रकम लौटाने का दबाव बनाया जा रहा था, जिससे वह मानसिक तनाव में थे। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस का कहना है कि शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। शरीर पर किसी प्रकार के बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। मृत्यु के वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए बिसरा सुरक्षित रखा गया है ।
पुलिस परिजनों की तहरीर के आधार पर सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। राहुल सिंह बचपन से ही मेधावी और नवाचार के प्रति समर्पित थे। मात्र 13 वर्ष की आयु में उन्होंने विज्ञान के क्षेत्र में अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी थी। वर्ष 2018 से 2020 तक उन्होंने लगातार तीन बार इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल में प्रथम स्थान प्राप्त कर जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया। उन्होंने बैटरी से चलने वाला पर्यावरण अनुकूल ट्रैक्टर, ऑटोमैटिक रोटी मेकर तथा बैटरी चालित साइकिल जैसे कई नवाचार विकसित किए थे। हाल के वर्षों में वह कृषि एवं रक्षा क्षेत्र के लिए अत्याधुनिक ड्रोन तकनीक पर शोध कर रहे थे।
एक साधारण किसान परिवार से निकलकर विज्ञान के क्षेत्र में राष्ट्रीय पहचान बनाने वाले राहुल सिंह की असमय मृत्यु से उनके गांव बीजापार, सिसवा क्षेत्र और वैज्ञानिक समुदाय में गहरा शोक व्याप्त है। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच में जुटी हुई है।




