प्रतिबंधित कफ सिरप लिखने पर अब डॉक्टर जाएंगे जेल – इंदौर कलेक्टर ने जारी किए सख्त आदेश

डॉक्टर चेतन ठठेरा स्वतंत्र पत्रकार नजर इंडिया 24
जयपुर। कफ सिरप अर्थात खांसी की दवा पीने से मध्य प्रदेश और राजस्थान सहित अन्य प्रदेशों में अब तक 26 से अधिक मासूम बच्चों की मौत के बाद केंद्र सरकार औरसभी प्रदेशों की सरकार हरकत में आई है। केंद्र सरकार ने जहां 2 साल की आयु तक के बच्चों को कफ सिरप देने पर रोक लगा दी है तो वही राजस्थान और मध्य प्रदेश में कुछ फार्मा कंपनियों की कप सिरप खांसी की दवा बेचने पर रोक लगाई है और इसी कड़ी में मध्य प्रदेश के इंदौर के कलेक्टर ने एक निर्देश जारी कर खांसी की दवा लिखने वाले डॉक्टर के खिलाफ हुकूमत दर्ज करके गिरफ्तारी कर जेल भेजने के आदेश दिए हैं इसके साथ ही शहर में दवा मेडिकल पर जांच के लिए टीम में गठित करके क्रियान्विति शुरू करती है। लेकिन राजस्थान में सरकार ने इस तरह का अभी तक कोई कदम नहीं उठाया है। छिंदवाड़ा की घटना के बाद इंदौर के कलेक्टर शिवम वर्मा ने जहरीले कफ सिरप (Coldrif Cough Syrup) से जुड़े मामलों में सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई डॉक्टर प्रतिबंधित दवा वाली कफ सिरप लिखता पाया गया, तो उस पर तुरंत एफआईआर दर्ज कर सीधे जेल भेजा जाएगा। प्रशासन की टीमें दवा बाजार और अन्य संबंधित स्थानों पर व्यापक जांच शुरू करदीहै, जिसमें केवल प्रतिबंधित सिरप ही नहीं बल्कि मिलती-जुलती दवाओं पर भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी। कलेक्टर ने सीएमएचओ और फूड एंड ड्रग डिपार्टमेंट को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे दवा बाजार, मेडिकल स्टोर और शिशु रोग विशेषज्ञ अस्पतालों पर सतत निगरानी रखें। किसी भी चूक की स्थिति में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि छिंदवाड़ा में बच्चों की मौत का कारण बनने वाला जहरीला कफ सिरप इंदौर में सप्लाई नहीं हुआ था। इस मामले में पीडियाट्रिशियन को भी पहले ही सख्त निर्देश जारी किए जा चुके हैं। प्रशासन पूरे शहर में मेडिकल स्टोर और डिपो से सभी प्रकार के कफ सिरप के नमूने एकत्र करने का अभियान शुरू कर दिया है। यह नमूने प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेजे जाएंगे। यदि किसी भी सिरप में प्रतिबंधित या हानिकारक पदार्थ पाए जाते हैं, तो निर्माता, विक्रेता और सिरप लिखने वाले डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही कोल्ड्रिफ कफ सिरप की बिक्री पर प्रतिबंध भी लागू कर दिया गया है।
यदि कोई डॉक्टर इसे लिखता है या केमिस्ट इसके विक्रय में लिप्त पाया जाता है, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान में, प्रतिबंधित कफ सिरप की बिक्री रोकने के लिए प्रशासन ने एक विशेष टीम का गठन भी किया है।




