गीत: नव मधुमास (नव प्रयास) – संगीता झा “संगीत” (नई दिल्ली)

(मुखड़ा)
कुछ मीठे कुछ रंग रंगीले, लेकर ये आभास आ गया।
नया साल ऐसा लगता है, मानो नव मधुमास आ गया।।
नया साल ऐसा लगता है, मानो नव मधुमास आ गया।।
बीत गई जो यादें कड़वी, उनको अब बिसराना है,
सपनों की नन्हीं कलियों को, फिर से आज जगाना है।
हवा चली है खुशबू वाली, मन में नया विश्वास आ गया,
नया साल ऐसा लगता है, मानो नव मधुमास आ गया।।
आँखों में उम्मीदें लेकर, नया सवेरा मुस्काया,
सूरज की स्वर्णिम किरणों ने, अंबर पर गुलाल उड़ाया।
हर चेहरे पर खिल गई रौनक, सुख का साथ अनन्य आ गया,
नया साल ऐसा लगता है, मानो नव मधुमास आ गया।।
हाथों में अब हाथ थामकर, मंज़िल की ओर बढ़ें हम,
नेकी और प्रेम की राहों पर, मिलकर साथ चलें हम।
मिट जाए सब दूरियाँ दिल की, अपनों का अहसास आ गया,
नया साल ऐसा लगता है, मानो नव मधुमास आ गया।।
कुछ मीठे कुछ रंग रंगीले, लेकर ये आभास आ गया।
नया साल ऐसा लगता है, मानो नव मधुमास आ गया।।
संगीता झा “संगीत” (नई दिल्ली)




