एस.के. मेहता .के जन्मदिन पखवाड़े पर कराया बच्चों-मजदूरों को भोजन -गोशालाओं में गायों को डाला चारा, पक्षियों को दाना

जे पी शर्मा
जयपुर। प्रख्यात वास्तु शास्त्री एस.के. मेहता का जन्मदिन एक दिन तक सीमित न रहकर देशभर में सेवा, करुणा और मानवता के उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। यद्यपि उनका वास्तविक जन्मदिन 25 जनवरी था, लेकिन आज दिनांक तक जयपुर सहित राजस्थान और देश के विभिन्न राज्यों में उनके शुभचिंतक, मित्र, विद्यार्थी एवं फेसबुक परिवार लगातार सेवा कार्य कर उनकी जन्मदिन की खुशियां समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा रहे हैं।
जन्मदिन पर एस.के. मेहता ने अपने परिवारजनों के साथ आराध्य देव श्री गोविंद देव जी मंदिर में दर्शन एवं देहली पूजन किया। मंदिर में महंत अंजन कुमार गोस्वामी महाराज एवं सेवाधिकारी मानस गोस्वामी आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर परिसर में आयोजित पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ में सहभागिता कर वेदमाता गायत्री की आरती उतारी।
जन्मदिन के उपलक्ष्य में देश-प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर प्रेरणादायी सेवा कार्य संपन्न हुए। कानोता में रोशन यादव ने ईंट-भट्टों पर कार्यरत मजदूरों के बच्चों को बर्गर-सैंडविच के 60 पैकेट वितरित किए और 45 कन्याओं को सामूहिक भोजन करवाया गया। साथ ही कुत्तों को बिस्किट एवं पक्षियों को दाना डाला।
एसएमएस अस्पताल बाहर परी यादव ने जरूरतमंदों को गुणवत्तापूर्ण भोजन पैकेट वितरित किए गए। सिरसी रोड स्थित गौशाला में हरे चारे की गाड़ी डलवाई।
बस्सी के एक सरकारी विद्यालय में बच्चों को स्टेशनरी एवं चॉकलेट वितरित की गई।
घाट के बालाजी एवं गलता जी में गोपाल व्यास ने गायों को हरा चारा, गुड़ तथा बंदरों को फल खिलाए। आमेर के हाथी गांव में हाथियों को गुड़, सब्जियां और गाजर खिलाई गई। पक्षियों और मछलियों को दाना दिया गया। सीकर रोड स्थित विकलांग प्रशिक्षण केन्द्र में छात्रों को भोजन करवाया गया।
महाराष्ट्र-एमपी में दी खुशियों की पार्टी:
ग्वालियर में मनीष बंसल ने निर्माणाधीन साइट पर मजदूरों को गाजर का हलवा, समोसे खिलाए। गायों को गुड़ और चारा खिलाया। महाराष्ट के नांदेड़ में विराज विजय सावते, विवान विजय सावते ने मजदूरों को कचौरी, समोसा और लड्डुओं की पार्टी दी।
जरुरतमंदों को देते हंै निशुल्क मार्गदर्शन:
इस अवसर पर नेहा धुनिवाल, मीनू राजावत, राजेश शर्मा, प्रणय सांघी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि एस.के. मेहता न केवल एक प्रख्यात वास्तुशास्त्री हैं, बल्कि वे शुरू से गरीब, बीमार एवं गंभीर संकट में फंसे लोगों की निशुल्क वास्तु परामर्श के माध्यम से सहायता कर रहे हैं। उनके जीवन का मूल मंत्र है वास्तु ज्ञान तभी सार्थक है, जब वह मानव कल्याण से जुड़ा हो।



