ऑनलाइन काव्य गोष्ठी में 14 कवियों ने बिखेरे साहित्यिक रंग
जयपुर। भोलानाथ साहित्य एवं समाज सेवी संस्था द्वारा आयोजित ऑनलाइन काव्य गोष्ठी में देश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े 14 कवियों ने अपनी उत्कृष्ट रचनाओं के माध्यम से साहित्यिक रंग बिखेरे। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि महेंद्र भट्ट ने की।कार्यक्रम का शुभारंभ अनुराधा माथुर द्वारा गणेश वंदना तथा सरोज चंद्रा पालीवाल द्वारा सरस्वती वंदना से किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन संस्था की संस्थापिका ललिता भोला ने किया। इस अवसर पर सभी कवियों ने प्रख्यात शायर बशीर बद्र को उनकी अमर शायरी के माध्यम से भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। काव्य पाठ के दौरान मैनपुरी से देवांशी माहेश्वरी ने नारी सशक्तिकरण पर आधारित रचना प्रस्तुत करते हुए कहा, नारी को नदी की धार सम बहना ही पड़ेगा। वहीं मैनपुरी की उर्मिला पाण्डेय ने करुण रस से ओतप्रोत ग़ज़ल “तेरे ख़्वाब हर रात आने लगे हैं, सपने में मुझको रुलाने लगे हैं” सुनाकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।ललिता भोला ने राजस्थानी लोकगीत प्रस्तुत किया, जबकि संतोष मिश्रा सोनी ने ग्रीष्मकालीन गीत से वातावरण को सरस बनाया। इसके अतिरिक्त नरेश चंद्र उनियाल, रेनू कुमारी, रुचि रानी, बीना शर्मा, माया शर्मा, कौशल किशोर तथा राम किशोर पाठक राम ने भी अपनी प्रभावशाली रचनाओं से कार्यक्रम को यादगार बना दिया।कार्यक्रम के समापन पर संस्था की कार्यकारिणी की ओर से अध्यक्ष ललिता भोला, सचिव सत्यरूपा तिवारी, संरक्षक सरोज चंद्रा पालीवाल तथा उपाध्यक्ष उर्मिला पाण्डेय ने सभी कवियों एवं श्रोताओं का आभार व्यक्त किया।




