युवा आवाज़ें तय कर रही हैं जयपुर के शहरी नियोजन का भविष्य
जयपुर के किशोर किशोरी साक्ष्य-आधारित और समावेशी दृष्टिकोण के माध्यम से युवा-अनुकूल सार्वजनिक स्थलों के निर्माण की दिशा में कर रहे हैं पहल।

जयपुर, 7 मई 2026: जयपुर के सार्वजनिक स्थलों और शहर नियोजन में युवाओं की आवाज़ को केंद्र में रखते हुए, ‘रीइमैजिनिंग जयपुर: शेपिंग द सिटी विद एडोलसेंट्स’ का आज जवाहर कला केंद्र में शुभारंभ हुआ।
सेफ, वाइब्रेंट एंड हेल्दी पब्लिक स्पेसेज़ पहल के अंतर्गत यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन में शहरभर से युवा, शिक्षक, सामुदायिक प्रतिनिधि, नागरिक समाज संगठन तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
इस सम्मेलन के केंद्र में 10 से 19 वर्ष आयु वर्ग के किशोर किशोरी रहे, जिन्होंने साझा किया कि किस प्रकार वे सार्वजनिक स्थलों का आकलन कर रहे हैं, सुधारों की सह-रचना कर रहे हैं तथा शहरी प्रशासन के साथ सक्रिय रूप से संवाद स्थापित कर रहे हैं। चर्चा इस बात पर भी केंद्रित रही कि इस भागीदारी को संस्थागत रूप कैसे दिया जाए, जिसमें डब्ल्यू.आर.आई, इण्डिया के पी एस एम एफ (आडिट फ्रेमवर्क), स्कूल-आधारित मंचों, पब्लिक स्पेसेज़ लैब तथा वार्ड पार्षदों और नगर निगम विभागों के साथ नियमित संवाद जैसे माध्यमों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
सम्मेलन के साथ-साथ, जवाहर कला केंद्र की अलंकार गैलरी को परियोजना से जुड़े डिज़ाइन प्रदर्शनों की एक इंटरैक्टिव प्रदर्शनी में परिवर्तित किया गया है। मॉडल्स, गेम-आधारित गतिविधियों और फोटो गैलरी के माध्यम से आगंतुक यह जान सकते हैं कि किशोर किशोरी अपने पड़ोस का अवलोकन कैसे करते हैं, समस्याओं की पहचान कैसे करते हैं और उनके समाधान कैसे प्रस्तावित करते हैं। यह प्रदर्शनी लोगों को “देखने, पुरानी धारणाओं को छोड़ने और नया सीखने” के लिए आमंत्रित करती है।
भारत के अधिकांश शहरों में, सार्वजनिक स्थलों की कल्पना, डिज़ाइन और प्रबंधन की प्रक्रियाओं में किशोर किशोरी की भूमिका प्रायः अदृश्य बनी रहती है, जबकि वे इन स्थलों के सबसे सक्रिय उपयोगकर्ताओं और भविष्य के संरक्षकों में शामिल हैं। सेफ, वाइब्रेंट एंड हेल्दी पब्लिक स्पेसेज़ परियोजना भुवनेश्वर और जयपुर में इसी स्थिति को बदलने की दिशा में कार्य कर रही है, जहाँ किशोर किशोरी को अपने मोहल्लों को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कौशल, उपकरण और मंच प्रदान किए जा रहे हैं।
इन प्रयासों को फाउन्डेशन बोटनार द्वारा वैश्विक “किशोरों के लिए स्वस्थ शहर”कार्यक्रम के अंतर्गत समर्थन प्राप्त है। इस पहल का नेतृत्व डब्ल्यू.आर.आई, इण्डिया,नई दिल्ली द्वारा किया जा रहा है, जिसमें भुवनेश्वर में आईना और हमारा बचाना ट्रस्ट तथा जयपुर में आई इण्डिया और मैजिक बस इण्डिया,फाउन्डेशन साझेदार के रूप में कार्य कर रहे हैं।
इस पहल का एक प्रमुख आधार पी एस ए एफ(आडिट फ्रेमवर्क) है, जो एक सहभागी और डेटा-आधारित उपकरण है तथा जिसे 1,300 से अधिक किशोर किशोरी की भागीदारी और अनुभवों के आधार पर विकसित किया गया है। पिछले एक वर्ष में पी एस एम एफ ने जयपुर में किशोर किशोरी -नेतृत्व वाले तीन मॉडल स्थलों के निर्माण का मार्गदर्शन किया है। इन स्थलों को अधिक सुरक्षित, समावेशी और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने का प्रयास किया गया, जिससे शहरी प्रशासन को कम लागत वाले हस्तक्षेपों के माध्यम से बड़े स्तर पर लागू किए जा सकने वाले महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए।
जयपुर में आयोजित यह सम्मेलन अब तक की सीखों को साझा करने और भविष्य की दिशा तय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, ताकि शहरी विकास की प्रक्रियाओं में किशोर किशोरी की आवाज़ को सार्थक रूप से शामिल किया जा सके। किशोर किशोरी को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि परिवर्तन के सह-निर्माता के रूप में स्थापित करते हुए यह प्रक्रिया पीढ़ियों के बीच सहयोग का एक प्रभावी मॉडल प्रस्तुत करती है, जो जयपुर को अधिक सुरक्षित, स्वस्थ और समावेशी सार्वजनिक स्थलों वाले शहर के रूप में विकसित करने में सहायक होगी।
डब्ल्यू.आर.आई, इण्डिया ,नई दिल्ली की एसोसिएट डायरेक्टर, सुश्री प्रेरणा विजयकुमार मेहता ने कहा,
“युवा से ही उत्साह है, युवा से ही जोश है, युवा से ही ऊर्जा है और युवा से ही नए विचार हैं। अब समय आ गया है कि हम समावेशी और रहने योग्य शहरों के विकास के लिए युवाशक्ति में निवेश करें।




