शिक्षाविद् आयुष शर्मा का अभिभावकों को संदेश
जयपुर की छात्रा कृति ने CA इंटरमीडिएट परीक्षा में ऑल इंडिया सेकंड रैंक प्राप्त कर शहर का गौरव बढ़ाया है। कृति एक सम्माननीय वरिष्ठजन नगेन्द्र वशिष्ठ के परिवार की प्रतिभाशाली दोहिती हैं। उनकी इस उपलब्धि के पीछे जहाँ कृति की कठिन मेहनत है, वहीं उनके माता-पिता का अनुशासन और त्याग भी अत्यंत प्रेरणादायक है। कृति के परिवार ने उनकी तैयारी अवधि में न लंबी यात्राएँ कीं, न किसी समारोह में शामिल हुए—पूरे समय घर का वातावरण अध्ययन, एकाग्रता और सकारात्मकता से भरा रहा। इस उदाहरण से स्पष्ट होता है कि बच्चों की सफलता तीन स्तंभों पर टिकी होती है उनकी मेहनत, अभिभावकों का सहयोग, और घर-परिवार का अनुशासित वातावरण। अक्सर देखा जाता है कि छोटी-छोटी बातों पर बच्चों को छुट्टी दे दी जाती है, जिससे उनकी नियमितता और लक्ष्य-प्राप्ति पर प्रभाव पड़ता है। जबकि नियमित उपस्थिति और निरंतर अध्ययन ही उन्हें उनके सपनों के करीब ले जाते हैं। कृति की सफलता अभिभावकों के लिए यह संदेश छोड़ती है कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य में माता-पिता की भूमिका निर्णायक होती है।



