10 माह की सैलरी मांगने पर जयपुरिया अस्पताल से पुराने नर्सिंग स्टाफ को हटाया गया अधिकारियों के मौखिक आदेशों की अवहेलना, ठेकेदारों की मनमानी पर सवाल

अनुराधा शर्मा। नजऱ इंडिया 24
जयपुर। जयपुरिया अस्पताल में लंबे समय से कार्यरत नर्सिंग स्टाफ को कथित रूप से 10 माह की बकाया सैलरी की मांग करना भारी पड़ गया। सूत्रों के अनुसार, वेतन भुगतान की मांग उठाने के बाद पुराने एवं अनुभवी नर्सिंग स्टाफ को सेवा से हटा दिया गया, जिससे अस्पताल प्रशासन और ठेकेदार व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, गायत्री राठौर द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के दौरान संबंधित ठेके को लेकर मौखिक रूप से आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद न तो संबंधित टेंडर को निरस्त किया गया और न ही हटाए गए पुराने नर्सिंग स्टाफ को पुनः कार्य पर रखा गया।
कर्मचारियों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने उच्च स्तर से मिले निर्देशों की अनदेखी करते हुए ठेकेदारों की मनमानी के आगे समर्पण कर दिया है। इससे न केवल कर्मचारियों के अधिकारों का हनन हुआ है, बल्कि मरीजों की देखभाल व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि वर्षों से सेवा देने के बावजूद उन्हें समय पर वेतन नहीं मिला और जब उन्होंने अपनी जायज़ मांग रखी तो उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। इस पूरे मामले में प्रशासन की चुप्पी और कार्रवाई का अभाव कई सवाल खड़े कर रहा है।
कर्मचारियों एवं सामाजिक संगठनों ने इस प्रकरण में उच्च स्तरीय जांच, बकाया वेतन का तत्काल भुगतान तथा हटाए गए नर्सिंग स्टाफ को पुनः नियुक्त करने की मांग की है। वहीं अब सभी की निगाहें स्वास्थ्य विभाग एवं जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।




