आलेख – यात्रा में बरती जाने वाली सावधानियाँ – नरेश चन्द्र उनियाल, “कमली कुंज” देहरादून, उत्तराखण्ड

मानव को अपने जीवन में निश्चित रूप से कई बार यात्राएं करनी पड़ती हैं। यह यात्राएं धार्मिक, ऑफिशियल या पर्यटन के लिए हो सकती हैं।यात्राओं से हमें नए स्थान के बारे में नया अनुभव और नई जानकारी तो होती ही होती है साथ ही हम रोमांच और आनन्द का भी अनुभव करते हैं। किंतु यह रोमांच तभी बना रहता है कि जब हमारी यात्रा सुगम और आनंदमय हो।
किसी भी यात्रा पर निकलने से पहले हमें कुछ बातों की सावधानियां रखनी आवश्यक है। यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व यदि हम निम्नांकित बातों का ध्यान रखेंगे तो निश्चित रूप से हमारी यात्रा बहुत सरल, सुगम और आनन्ददायक होगी।
सबसे पहले हम जहाँ की यात्रा कर रहे हैं उस जगह की लोकेशन, वहाँ की जलवायु और वहाँ की भौगोलिक परिस्थितियों की जानकारी हमें ले लेनी चाहिए, ताकि उसी के अनुसार हम गर्म या ठन्डे वस्त्र साथ में ले जायँ। किन्तु साथ में समान जितना कम ले जाएंगे उतनी ही आपकी यात्रा आरामदेह रहेगी। अनावश्यक सामान बिल्कुल भी साथ न रखें।आवश्यक चीजें जैसे कि प्रकाश की व्यवस्था, पानी या दवाइयां यह अपने साथ रख लें। जहां हमें जाना है वहां के स्थानीय होटल, रेन बसेरा या रिजॉर्ट जो भी है वह पहले ही बुक कर लें ताकि हमको बाद में भटकना न पड़े।
अपना पहचान पत्र टिकट और अन्य आवश्यक दस्तावेज संभाल करके अपने पास रख लें, ताकि आपको कहीं किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो प्राथमिक चिकित्सा किट भी अपने साथ रखें।
हमारा खानपान हमारी यात्रा को आनंदमय बनाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। बहुत भारी भोजन और फास्ट फूड से बचें कुछ फल और स्नैक्स हमेशा अपने साथ रखें।
सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थानीय फोन नंबर अपने फोन में सेव कर ले, स्थानीय पुलिस हेल्पलाइन नंबर भी आपके पास होना चाहिए। ध्यान रहे कि आपका मोबाइल फोन हर स्थिति में चार्ज रहे और कार्य करता रहे इसके लिए साथ में पावर बैंक रखा जा सकता है।
जिस जगह आप जा रहे हैं वहां की सांस्कृतिक विरासत, वहाँ के रहन-सहन और वहाँ के रीति रिवाजों का सम्मान करें, कूड़ा-करकट, प्लास्टिक बोतल, प्लास्टिक बैग या खाद्यान्न के अवशेष इधर-उधर न फेंके बल्कि एक पॉलिथीन में या एक थैले में अपने पास सुरक्षित रख लें और जहां भी आपको डस्टबिन या यथोचित स्थान दिखे वहां डाल दें।
निष्कर्षतः कहा जा सकता है की यात्रा हमेशा आनंद देती है, रोमांच का अनुभव कराती है, लेकिन यह तभी होगा जब हम पूर्ण नियोजित योजना के अनुसार यात्रा करें। तभी आपकी यात्रा सुखद रहेगी, आपको आनंद का अनुभव होगा और यह यात्रा अविस्मरणीय बन जाएगी।
सर्वथा मौलिक आलेख —
– नरेश चन्द्र उनियाल,
“कमली कुंज”
देहरादून, उत्तराखण्ड।




