उम्मीद का दियाँ – सुमन दूबे साऊंखोर बड़हलगंज गोरखपुर
अंधकार कितना भी घना क्यों न हो, एक छोटा सा दीया उसे हराने के लिए काफी होता है। ठीक इसी प्रकार, जीवन में कितनी भी कठिन परिस्थितियां आ जाएं, यदि मन में ‘उम्मीद का दिया’ जल रहा है, तो कोई भी मुश्किल आपको हरा नहीं सकती। उम्मीद ही वह अदृश्य शक्ति है जो मनुष्य को विपरीत परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
जब चारों तरफ निराशा के बादल छाए होते हैं और हर रास्ता बंद नजर आता है, तब यही उम्मीद का छोटा सा प्रकाश-पुंज मार्ग दिखाता है। इतिहास गवाह है कि जिन लोगों ने कठिन समय में भी उम्मीद का दामन नहीं छोड़ा, उन्होंने ही अंततः सफलता के शिखर को छुआ।
उम्मीद जीवन का आधार है; यह एक ऐसा संकल्प है जो हमें टूटने नहीं देता। यह हमें सिखाती है कि हर रात के बाद एक नया सवेरा जरूर आता है। इसलिए, चाहे कुछ भी हो जाए, अपने भीतर की उम्मीद की लौ को कभी बुझने न दें, क्योंकि यही वह प्रकाश है जो जीवन को सार्थकता और ऊर्जा प्रदान करता है।
सुमन दूबे साऊंखोर
बड़हलगंज गोरखपुर




