आंदोलनों से त्रस्त जन मानस” – विनोद कुमार शर्मा

देश में अजीब सी कश्मकश चल रही एक तरफ खामोश मीडिया दूसरी तरफ बेलगाम लेकिन सत्य के नजदीक पहुंचती सोशल मीडिया पर बड़ी हलचल आम जनमानस विना ठोस मुद्दों के विपक्ष द्वारा देश में अस्थिरता का माहौल बनाने से परेशान नजर आ रहा व्यापारियों की रोजी रोटी पर संकट बन गया
शासन की अस्पष्ट नीतियां किसी को माँगने पर अनुमति न देना किसी को एयरपोर्ट जाकर प्रदर्शन की अनुमति देकर प्रशासन का मजाक बनाना विरोधाभाषी रवैया लगातार नजर आ रहा है देश में आंदोलनों की आड़ में सुप्रीम कोर्ट जैसी संस्थानों में प्रदर्शन से सुप्रीम कोर्ट की गरिमा से खिलवाड़ करना कब तक चलता रहेगा
देश के बड़े हिस्से में आरक्षण UGC SC ST ACT के दुरुपयोग से सवर्ण वर्ग शांतिपूर्ण प्रदर्शन आंदोलन की राह पर जिसे परमिशन देने में शासन की आनाकानी SCST ACT के झूठे मुकदमों से त्रस्त सवर्ण वर्ग झूठे SCST ACT में जेल जाने की अपेक्षा हत्या जैसे मामलों को अपना रहे जो चिन्ता का विषय एस्ट्रोसिटी एक्ट के दुरुपयोग पैसे के लिए झूठे मुकदमों की बाढ़ कानून के दुरुपयोग का स्पष्ट संकेत दे रहे
लोकतंत्र के स्थाई स्तंभ सुप्रीम कोर्ट का कुछ मुद्दों पर मूक दर्शक बने रहना स्व संज्ञान न लेना भी लोगों को पसोपेश में डाल रहा
लोकतंत्र में सभी को समान रूप से आंदोलन करने का अधिकार है लेकिन आंदोलन शांतिपूर्ण और अनुमति मिलने के बाद कानूनी दायरे में हो लेकिन आंदोलन के नाम पर रिज़ीम चेंज वो भी विना इलेक्शन बांग्लादेश नेपाल जैसे हालात बनाने की स्वीकारोक्ति पर शासन मौन देश विरोधी धर्म संस्कृति देवी देवताओं पर गलत टिप्पणियों नारे पुलिस से भिड़ंत विदेशी पैसे से अस्थिरता फैलाने के आरोप लेकिन जांच में ढील देकर देश को कहां ले जा रहे समझ से परे है।
विनोद कुमार शर्मा




