जयपुर आइकॉन्स की ‘शक्ति’ साँझ में साहित्य, संगीत और कला का संगम।

सुनितात्रिपाठी’अजय नज़र इंडिया
बीना काक की गरिमामयी उपस्थिति में सजी सांस्कृतिक संध्या, विभिन्न प्रतिभाओं ने प्रस्तुतियों से बिखेरे रचनात्मकता के रंग
जयपुर। शक्ति हर उस रूप में विद्यमान है, जहाँ ऊर्जा, सकारात्मकता और सृजनशीलता है। किसी की शक्ति उसके शब्दों में है, किसी की सुरों में, किसी की कला में, तो किसी की प्रेम और आत्मविश्वास से भरी अभिव्यक्ति में। इसी विचार को केंद्र में रखते हुए जयपुर आइकॉन्स की ओर से शुक्रवार, 9 अक्टूबर को जयपुर क्लब लिमिटेड स्थित बैम्बू नूक में ‘शक्ति’ नाम से एक विशेष सांस्कृतिक एवं रचनात्मक संध्या का आयोजन किया गया। साहित्य, संगीत, कला और रचनात्मक अभिव्यक्तियों से सजी इस संध्या में प्रतिभाओं के विविध रूप देखने को मिले।
कार्यक्रम में राजनेता, अभिनेत्री, लेखिका एवं समाजसेवी बीना काक गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में उपस्थित रहीं। उनकी गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष बना दिया। उन्होंने अपने अनुभवों और विचारों के माध्यम से जीवन में शक्ति के विभिन्न स्वरूपों तथा सकारात्मक दृष्टिकोण के महत्त्व को रेखांकित किया।
इस अवसर पर जयपुर आइकॉन्स की संस्थापक टीम की सदस्य कल्पना पुरोहित, रिया मनोज, हेमलता शाह और दीपक सिहाग ने अतिथियों एवं सदस्यों का स्वागत किया। टीम ने जयपुर आइकॉन्स की यात्रा, उद्देश्य और उस साझा मंच की परिकल्पना को सामने रखा, जिसका उद्देश्य जयपुर की प्रतिभाओं, उनकी कहानियों, विचारों और रचनात्मकता को एक मंच प्रदान करना है।
‘शक्ति’ की अवधारणा को साहित्य, संगीत, कला और विभिन्न रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से साकार किया गया। कार्यक्रम में रितु रागिनी, सुनीता त्रिपाठी, दीपक खियानी, तनुषा नागरथ, श्वेता माथुर, सोनल शर्मा, भूमिका जैन, आलोक कुमार सैनी, रेशमा खान शेरवानी, स्नेहा शर्मा स्नेही, प्रीति सिहाग, मितुल पुरोहित, जयश्री जैन, अशोक शाह, अमला बत्रा, प्रतिमा नैथानी, प्रदीप सेठी, शिखा सेठी, शर्मिला जैन, नरेंद्र जैन, शकुंतला धूत, पूजा शर्मा, विनीता सोमानी, आरती दुबे, सीमा जैन, राकेश राठी, रेशु वालिया, समीर लाला, नम्रता लाला और अनीता घई की सहभागिता एवं प्रस्तुतियों ने आयोजन को विशेष बना दिया।

कार्यक्रम के दौरान यह संदेश प्रमुखता से उभरा कि शक्ति केवल संघर्ष करने का साहस नहीं, बल्कि विपरीत परिस्थितियों में सकारात्मक बने रहने, अपने सपनों पर विश्वास रखने, कुछ नया रचने और अपने विचारों एवं भावनाओं से दूसरों के जीवन में प्रेम तथा ऊर्जा का संचार करने की क्षमता भी है।
आयोजन में अशोक शाह की पेंटिंग्स का विशेष प्रदर्शन किया गया, जिसने संध्या में कला का एक आकर्षक आयाम जोड़ा। वहीं, कस्टम नेस्ट स्टूडियो की संस्थापक शांता कोठारी ने अपने रचनात्मक डिस्प्ले के माध्यम से आयोजन की शोभा बढ़ाई। उनके प्रदर्शन ने कला, उद्यमिता और सृजनशीलता के विविध रंगों को सामने रखा।
जयपुर आइकॉन्स की यह सांस्कृतिक संध्या इस संदेश के साथ यादगार बनी कि प्रत्येक व्यक्ति के भीतर शक्ति का एक विशिष्ट स्वरूप विद्यमान है। किसी की ताकत उसके शब्द हैं, किसी की आवाज़, किसी की कला, किसी का सृजन, तो किसी का प्रेम और आत्मविश्वास।
‘शक्ति’ केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि अपने भीतर मौजूद ऊर्जा को पहचानने, उसे अभिव्यक्त करने और उसका उत्सव मनाने की एक खूबसूरत पहल रही। इस संध्या ने यह भाव सशक्त रूप से प्रस्तुत किया कि शक्ति एक नहीं, अनगिनत रूपों में है और हम सभी उसके धारक हैं।




