Uncategorized
वही गुलाब के फूल लाना तुम…डॉ- डिम्पल सैनी

चले जो कभी लहराती हवाये,
काया को मृदुसी छुकर जाये,
हमारी छुअन का आभास कराये,
हमारी याद दिल को सताए,
बिन बुलाये पास चले आना तुम..
जो हमारे प्यार के गवाह हैं सदा,
साथ वही गुलाब के फूल लाना तुम ..!!
कभी जो बहारों का मौसम आये,
रंगो से सारी अवनी सज जाये,
हमारी ख़ुशबू का आभास जताए,
हमसे मिलन को तरसाए,
याद कर हमे यूही मुस्कुराना तुम..
जो हमारे साथ महके सदा है
साथ वही गुलाब के फूल लाना तुम..!!
कभी जो पुकारे बेसुद घटाए,
प्यार की बूंदों को बरसाए,
हमारी बाहो का आभास कराए,
हमारी तन्हाई और बढ़ाए,
प्यार की सुरीली महफिल सजाना तुम..
जो हमारे संग गाते सदा है,
साथ वही गुलाब के फूल लाना तुम..
डॉ- डिम्पल सैनी




