समालखा गौशाला की अव्यवस्थाओं को लेकर एसडीएम दरबार पहुंचा गऊ सेवा दल

समालखा, लोकेश झा।
समालखा के बिलासपुर क्षेत्र स्थित गौशाला में फैली अव्यवस्थाओं और बदहाल स्थिति को लेकर सनातन संस्कृति गऊ सेवा दल ने एसडीएम समालखा को ज्ञापन सौंपकर प्रशासन से जल्द सुधारात्मक कार्रवाई की मांग की। संस्था के सदस्यों ने गौशाला की मौजूदा स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए इसे गौवंश के स्वास्थ्य और संरक्षण के लिए गंभीर विषय बताया।
ज्ञापन में संस्था पदाधिकारियों ने बताया कि गौशाला में करीब 33 प्रकार की देसी और विदेशी नस्लों की गायें रखी गई हैं, लेकिन उनकी देखभाल व्यवस्था बेहद खराब है। गौशाला परिसर में साफ-सफाई का अभाव है और कई स्थानों पर गंदगी का ढेर लगा हुआ है। गायों को चारा खिलाने के बाद भी उनके आसपास कूड़ा-कचरा पड़ा रहता है, जिससे संक्रमण फैलने और बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
संस्था ने आरोप लगाया कि कुछ लोग गायों को कूड़े के ढेर के पास छोड़ देते हैं, जिससे उनकी सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। गंदगी और लापरवाही के चलते कई गायें बीमार हो रही हैं। गऊ सेवा दल ने प्रशासन से मांग की कि गौशाला की स्थिति की गंभीरता से जांच कर जल्द आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि गौवंश को स्वच्छ, सुरक्षित और बेहतर वातावरण मिल सके।
ज्ञापन के माध्यम से संस्था ने यह मांग भी रखी कि गौ माता को “राष्ट्र माता” अथवा “राष्ट्रीय पशु” घोषित करने संबंधी प्रस्ताव को गृह मंत्रालय और कृषि मंत्रालय तक पहुंचाया जाए।
इस अवसर पर स्वामी सुरेश बैरागी एडवोकेट (प्रधान), आदित्य गोयल एडवोकेट (मेंबर), विनोद कुमार (सचिव), सुरजीत मांडी (कोषाध्यक्ष), सूरज (मेंबर), आशीष (मेंबर), सुमित एडवोकेट (पानीपत) और अशोक बैरागी (पानीपत, मेंबर) सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
संस्था ने प्रशासन से मांग की कि गौशाला की व्यवस्थाओं में शीघ्र सुधार कर गायों के संरक्षण, स्वास्थ्य और बेहतर देखभाल के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।




