महंत पूरण दास जी महाराज का बड़ा बयान, संतों को मजबूर न करे सरकार, नहीं तो लेंगे जीवित समाधि

जयपुर/नांगल। भैराणा धाम को लेकर चल रहे विवाद के बीच महंत पूरण दास जी महाराज का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए संत समाज की पीड़ा को व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि आज संतों को अपने ही देश में अपने आश्रम और परंपराओं की रक्षा के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। महंत पूरण दास जी महाराज ने कहा कि जब देश में अंग्रेज आए थे, तब उन्होंने गुरुकुल व्यवस्था को समाप्त कर भारतीय संस्कृति और वेद-पुराणों की शिक्षा को कमजोर करने का प्रयास किया था। उनका आरोप है कि वर्तमान समय में भी कुछ नीतियां उसी दिशा में कार्य करती नजर आ रही हैं, जहां संतों के आश्रमों को समाप्त करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने भैराणा धाम का उदाहरण देते हुए कहा कि यहां की स्थिति संत समाज के लिए बेहद पीड़ादायक है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि संतों को जीवित समाधि लेने जैसे कठोर निर्णय पर विचार करना पड़ रहा है। महंत पूरण दास जी महाराज ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हमने हमेशा शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाई है, लेकिन हमारी मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है। यदि समय रहते हमारी बात नहीं सुनी गई, तो संत समाज को कठोर कदम उठाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। उन्होंने सरकार से अपील करते हुए कहा कि धार्मिक आस्थाओं और परंपराओं का सम्मान किया जाए तथा भैराणा धाम को सुरक्षित रखा जाए। साथ ही, संबंधित औद्योगिक गतिविधियों को अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग को जल्द स्वीकार किया जाए। महंत पूरण दास जी महाराज ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो इसके परिणाम गंभीर हो सकते हैं, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी।




