एक प्रयास भारत के राष्ट्रीय अधिवेशन में बही साहित्य, राष्ट्रभक्ति और हास्य रस की अविरल धारा

जयपुर। संस्था “एक प्रयास भारत” राजस्थान इकाई द्वारा आयोजित राष्ट्रीय अधिवेशन का भव्य आयोजन जयपुर के साइंस पार्क ऑडिटोरियम में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में देशभर से आए कवि, कवयित्रियों एवं साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं से ऐसा समां बांधा कि पूरा सभागार काव्य रस से सराबोर हो गया। बाहर की तपती धूप के बीच ऑडिटोरियम के भीतर कविता की शीतलता मानव मन को अमन और चैन की मधुर बंशी की तरह स्पर्श करती रही।
कार्यक्रम में देशभक्ति, हास्य-व्यंग्य, नारी सम्मान, बेटी की पीड़ा, सामाजिक व्यवस्था, अर्थव्यवस्था, राष्ट्रभक्ति, पुलिस की ईमानदारी तथा शासन व्यवस्था जैसे विविध विषयों पर कवियों ने अपनी सशक्त प्रस्तुतियां दीं। कहीं भारत मां के तिरंगे की ओढ़नी का गौरव दिखा तो कहीं समाज की विसंगतियों पर तीखे व्यंग्य सुनने को मिले। कवियों की शब्द साधना ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस राष्ट्रीय अधिवेशन में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, हरियाणा, पंजाब, गुजरात, दिल्ली एवं उत्तराखण्ड सहित अनेक राज्यों से सुप्रसिद्ध कवि एवं साहित्यकार शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 8 बजे भगवान श्री गणेश एवं मां सरस्वती के पूजन तथा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। दीप प्रज्वलन संस्था के संस्थापक राजेन्द्र चौहान (भोपाल), राष्ट्रीय अध्यक्ष गीतकार कवि राजू चौरसिया (इंदौर), राष्ट्रीय कार्यवाहक अध्यक्ष महेन्द्र माणिक (पुणे), राष्ट्रीय महिला अध्यक्षा विद्या सराफ (पुणे) एवं प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल छंगाणी द्वारा किया गया। मां सरस्वती वंदना शीतल राघव इंदौर ने प्रस्तुत की, जबकि कार्यक्रम का प्रभावशाली संचालन महामंत्री हेमन्त राज हिन्द जयपुर ने किया।
आयोजन में आए साहित्यकारों के लिए विशेष आतिथ्य की भी सुंदर व्यवस्था रही। सुबह के नाश्ते में गरमा-गरम जलेबी, समोसा, कचौड़ी एवं चाय परोसी गई, वहीं दोपहर के भोजन में राजस्थानी व्यंजनों और मीठे लड्डुओं ने सभी अतिथियों का मन मोह लिया। काव्य पाठ करने वाले प्रतिभागियों ने अपनी कलम की अमिट छाप छोड़ी। नौ रसों से सजे काव्य पाठ के दौरान पूरा ऑडिटोरियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा और समय-समय पर वन्देमातरम्, जय हिन्द, एवं जय भारत के नारों से वातावरण राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत हो उठा। संस्था एक प्रयास भारत राजस्थान इकाई के इस शानदार आयोजन की साहित्य जगत में व्यापक सराहना हो रही है।




