महज दो वर्षों में ही बह गया ढाई करोड़ रुपये से बना नाला, पहली बारिश में खुली निर्माण कार्य की पोल
अरुण शर्मा। नजर इंडिया 24 , जिला ब्यूरो चीफ
एत्मादपुर (आगरा)। एत्मादपुर क्षेत्र में लाल मंदिर से यमुना एक्सप्रेसवे पूर्वी इंटरचेंज तक लगभग दो वर्ष पूर्व करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित नाले की गुणवत्ता पर अब गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। क्षेत्रीय लोगों के अनुसार विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह की पहल पर लगभग ढाई करोड़ रुपये की लागत से दोनों ओर नालों का निर्माण कराया गया था, ताकि वर्षा जल की निकासी सुचारु हो सके और आमजन को आवागमन में परेशानी न हो।
लेकिन वर्ष 2026 की पहली ही बारिश में निर्माण कार्य की गुणवत्ता की पोल खुल गई। कई स्थानों पर नाला क्षतिग्रस्त हो गया और वर्षा का पानी सड़कों तथा रास्तों पर भर गया, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जलभराव के कारण यातायात प्रभावित हुआ और स्थानीय निवासियों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
क्षेत्रवासियों ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद निर्माण कार्य टिकाऊ नहीं रहा। उनका कहना है कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार किया गया होता तो पहली ही बारिश में ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों एवं ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा क्षतिग्रस्त नाले का शीघ्र पुनर्निर्माण कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में वर्षा के दौरान लोगों को जलभराव और आवागमन की समस्या का सामना न करना पड़े।




