कवयित्री डॉ.लक्ष्मी चौहान ‘रोशनी’ ‘महादेवी वर्मा विश्व भूषण सम्मान-2026’ से सम्मानित

लेखन में छायावादी संवेदना और विविध विषयों पर सार्थक कविता-सृजन के लिए मिला सम्मान।
उत्तराखंड की शिक्षिका, लेखिका एवं कवयित्री डॉ.लक्ष्मी चौहान ‘रोशनी’ को साहित्य के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘महादेवी वर्मा विश्व भूषण सम्मान 2026’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें पद्मश्री डॉ. विद्या विन्दु सिंह के कर कमलों से उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान, लखनऊ के निराला सभागार में आयोजित भव्य साहित्यिक समारोह में प्रदान किया गया। यह सम्मान ज्ञानपीठ पुरस्कार से पुरस्कृत एवं पद्म विभूषण कवयित्री महादेवी वर्मा जी की स्मृति में प्रदान किया जाता है।
यह गरिमामय कार्यक्रम निहारिका साहित्य मंच कंट्री ऑफ इंडिया फाउंडेशन ट्रस्ट की संस्थापिका डॉ. रीमा सिन्हा जी और अध्यक्ष श्री अब्दुल अजीज सिद्दीकी जी द्वारा आयोजित किया गया। इस समारोह में देश के विभिन्न राज्यों से आए साहित्यकारों, कवियों, शिक्षाविदों एवं साहित्य-प्रेमियों ने सहभागिता की। निराला सभागार में आयोजित इस साहित्यिक आयोजन ने हिंदी साहित्य की समृद्ध परंपरा, सृजनात्मकता और समकालीन साहित्यिक चेतना को एक मंच प्रदान किया।
सम्मानित होने पर डॉ.लक्ष्मी चौहान ‘रोशनी ने कहा कि महादेवी वर्मा जैसी महान साहित्यिक विभूति की स्मृति में दिये जाने वाले सम्मान से सम्मानित होना उनके लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। उन्होंने इस सम्मान के लिए डॉ. रीमा सिन्हा मैम एवं आदरणीय अब्दुल अजीज सिद्दीकी का हार्दिक आभार व्यक्त किया और कहा कि यह सम्मान उन्हें हिंदी साहित्य में और अधिक सार्थक, संवेदनशील एवं समाजोपयोगी लेखन के लिए प्रेरित करेगा।
यहां उल्लेखनीय है कि डॉ.लक्ष्मी चौहान ‘रोशनी’ कविताओं और साहित्य के माध्यम से मानवीय संवेदनाओं, सामाजिक सरोकारों, राष्ट्रभावना, प्रकृति, संस्कृति तथा जीवन के विविध पक्षों को अपनी रचनाओं में अभिव्यक्त करती रहती हैं। उनके लिए लेखन केवल भावों की अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि समाज और व्यक्ति के बीच संवेदनाओं का सेतु है।




