साहित्यकार मानसिंह सुथार को प्रतिष्ठित ‘महादेवी वर्मा विश्व भूषण सम्मान – 2026’ से किया गया अलंकृत
लखनऊ। उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान के प्रतिष्ठित ‘निराला सभागार’ में निहारिका साहित्य मंच एवं कंट्री ऑफ इंडिया फाउंडेशन ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित चतुर्थ वार्षिकोत्सव समारोह हर्षोल्लास और गरिमामयी वातावरण के बीच संपन्न हुआ। इस भव्य साहित्यिक समारोह में श्रीगंगानगर (राजस्थान) के सुप्रसिद्ध साहित्यकार श्री मानसिंह सुथार को उनके विशिष्ट साहित्यिक एवं सामाजिक अवदान के लिए प्रतिष्ठित ‘महादेवी वर्मा विश्व भूषण सम्मान – 2026’ से विभूषित किया गया।
समारोह की अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष अब्दुल अज़ीज़ सिद्दीकी ने की, जबकि कार्यक्रम का कुशल संयोजन संस्थापिका डॉ. रीमा सिन्हा के सानिध्य में संपन्न हुआ। मंच पर पधारे मुख्य अतिथियों एवं पदाधिकारियों द्वारा श्री सुथार को स्मृति-चिह्न, अंगवस्त्र एवं सम्मान पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर देश के विभिन्न कोनों से आए अनेक लब्धप्रतिष्ठ साहित्यकारों, विचारकों और कलाप्रेमियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से एकता गुप्ता बिटिया (कानपुर), अलका गर्ग, आनंद दाधीच (बैंगलोर), डॉ. नरेश चंद्र उनियाल, मैत्रेयी, मीनू वर्मा, पारमिता सारंगी (मुंबई), पूनम गंगवार (बरेली), पूजा सूद डोएगर, रिंकी (मुंबई), शिखा खुराना, सुमन दीक्षित, सुमंगला सुमन (मुंबई), सुनीता सोलंकी मीना, मीरा कनोजिया, आरती शर्मा, आरती झा, भारती यादव, दया भट्ट, डॉ. ऐनुल बरेलवी, डॉ. लक्ष्मी चौहान, डॉ. रानी गुप्ता, डॉ. सारिका ठाकुर, कमला उनियाल, कन्हैयालाल भ्रमर, खरे शरदनारायण, मनु रमन, मीरा सेजवाण, सुनीता मुखर्जी, मुक्ति भंडारी, रंजना सिंह, रिम्मी वर्मा, रुक्मणी, सीमा पुरबा, राजेश शर्मा, सोनी मिश्रा, सुमन झा ‘माहे’, सुमन सिंह, सुशील सिंह मानव, सुषमा शर्मा और तृप्ति भटनागर सहित कई गणमान्य जन उपस्थित रहे।
सम्मान ग्रहण करने के उपरांत श्री मानसिंह सुथार ने संस्थापिका डॉ. रीमा सिन्हा, अध्यक्ष अब्दुल अज़ीज़ सिद्दीकी एवं ट्रस्ट के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि महादेवी वर्मा जैसी युगप्रवर्तक रचनाकार के नाम पर मिला यह सम्मान साहित्यिक दायित्वों के प्रति और अधिक निष्ठावान रहने का संकल्प देता है। समारोह के अंत में सभी उपस्थित रचनाकारों ने एक-दूसरे को बधाई दी और राष्ट्रभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार हेतु निरंतर सक्रिय रहने का आह्वान किया।




