शिक्षा, योग, पंचगव्य और आयुर्वेद में योगदान के लिए डॉ. भानु प्रकाश शर्मा सम्मानित

डॉ अमर सिंह धाकड़ नजर इंडिया 24 ब्यूरो चीफ
जयपुर। सर्वोच्च न्यायालय परिसर में मुख्य अतिथि व मंच पर उपस्थित अतिथियों में श्री नागेंद्र राय जी उर्फ अनंत महाराज जी (भाजपा सांसद, राज्यसभा, नई दिल्ली ), श्री विजयपाल सिंह जी (भाजपा सांसद), पूर्व न्यायमूर्ति श्री जे.के. रांका (अध्यक्ष, रिटायर्ड सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय एसोसिएशन, नई दिल्ली) न्यायमूर्ति श्री इशरत मशरूर कुदुसी (पूर्व मुख्य न्यायाधीश उड़ीसा उच्च न्यायालय भुवनेश्वर), डॉ. ए. पी. सिंह (वरिष्ठ अधिवक्ता सर्वोच्च न्यायालय नई दिल्ली), डॉ. हुकुमचंद गणेशिया (कुलपति रोमा इंटरनेशनल कल्चर विश्वविद्यालय, नई दिल्ली), डॉ. कुलदीप प्रसाद शर्मा (ईस्ट वेस्ट फ्लो फॉर्म, काठमांडू, नेपाल) आदि द्वारा शिक्षा, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, पंचगव्य तथा आयुर्वेद एवं पंचकर्म के क्षेत्र में शिक्षक प्रशिक्षण के उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. भानु प्रकाश शर्मा को “वैश्विक शिक्षक रत्न अवार्ड” से सम्मानित किया गया।
वैश्विक शांति, सद्भाव एवं मैत्री के विचारों को आगे बढ़ाने वाले संगठन अंतर्राष्ट्रीय समरसता मंच द्वारा सर्वपल्ली डॉ. राधाकृष्णन की जयंती के उपलक्ष्य में शिक्षक दिवस एवं शिक्षक सम्मेलन का समापन समारोह 20 सितंबर 2026 को दिल्ली में भव्य रूप से आयोजित किया गया। समारोह में 25 राष्ट्रीय ध्वजों के सानिध्य में देश के विभिन्न राज्यों से आए चयनित शिक्षकों एवं शिक्षा के क्षेत्र में विशिष्ट प्रतिभाओं का सम्मान किया।
शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय कार्य करने वाले शिक्षकों को मंच द्वारा 25 राष्ट्रीय ध्वजों के सानिध्य में प्रेरणास्रोत अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया।
मंच की चयन समिति द्वारा डॉ. भानु प्रकाश शर्मा को “वैश्विक शिक्षक रत्न अवार्ड” से सम्मानित किया। डॉ. शर्मा ने शिक्षा एवं प्रशिक्षण के क्षेत्र में लंबे समय से महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने देश-विदेश से आए नागरिकों को योग का प्रशिक्षण प्रदान कर योग के प्रति जागरूकता बढ़ाई, जिसके लिए उन्हें पूर्व में “योगगुरु” की उपाधि व राजीव गांधी गौरव अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया।
डॉ. शर्मा ने गौ माता से प्राप्त पंचगव्य उत्पादों के निर्माण, उपयोग एवं महत्व के संबंध में अनेक गोपालकों को प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें पंचगव्य आधारित स्वावलंबन एवं स्वास्थ्यपरक गतिविधियों से जोड़ने का कार्य किया।
वहीं आयुर्वेद एवं पंचकर्म चिकित्सा के क्षेत्र में भी उन्होंने छात्र-छात्राओं को शिक्षण एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। उनके द्वारा चिकित्सा शिक्षा को व्यवहारिक अनुभव से जोड़ते हुए विद्यार्थियों को आयुर्वेद, पंचकर्म एवं स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में दक्ष बनाने का निरंतर प्रयास किया गया है।
शिक्षा, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, पंचगव्य तथा आयुर्वेद-पंचकर्म के क्षेत्र में उनके बहुआयामी योगदान एवं प्रशिक्षण कार्यों को देखते हुए “वैश्विक शिक्षक रत्न अवार्ड” उनके समर्पित शैक्षणिक, सामाजिक एवं सेवाभावी कार्यों का सम्मान है।




