श्याम भक्ति में झूमे श्रद्धालु, भजन गायकों ने बांधा समां
जयपुर। श्री श्याम प्रभु खाटू वाले की भक्ति को समर्पित मासिक एकादशी अरदास कीर्तन एवं भजन संध्या का आयोजन 23 सितंबर को श्री श्याम मंदिर सेवा ट्रस्ट, जोशी मार्ग, कालवाड़ रोड, झोटवाड़ा के तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान गणेश की आराधना एवं विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुआ। पूजा-अर्चना मंदिर महंत पं. रामजीलाल शर्मा ने संपन्न कराई।
इस अवसर पर बाबा श्याम का भव्य एवं अलौकिक श्रृंगार किया गया। अखंड ज्योत प्रज्वलित कर बाबा श्याम को पुष्प अर्पित किए गए और पुष्प वर्षा की गई। मंदिर परिसर में विशेष सजावट की गई, जिससे पूरा वातावरण श्याममय नजर आया।आयोजक पं. रामजीलाल शर्मा एवं सीता देवी ने बताया कि ग्यारस के पावन अवसर पर बाबा श्याम की भव्य शोभायात्रा भी निकाली गई। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के साथ महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। श्रद्धालु बाबा श्याम के जयकारे लगाते हुए भक्ति में सराबोर नजर आए।भजन संध्या में अंकित-पीतम (शर्मा बंधु) ने अपने भक्तिमय भजनों से श्रद्धालुओं को श्याम भक्ति से जोड़ा। उनके द्वारा प्रस्तुत भजनों पर श्रद्धालु देर तक झूमते रहे। निशा शर्मा (भरतपुर) ने अपनी मधुर आवाज में बाबा श्याम की महिमा का गुणगान करते हुए भक्ति रस की धारा प्रवाहित की। उनकी प्रस्तुतियों पर श्रद्धालुओं ने तालियों के साथ उत्साह बढ़ाया।
वहीं नव्या शर्मा (जयपुर) ने श्याम भक्ति से ओतप्रोत भजनों की मनमोहक प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। अनिल दाधीच (जयपुर) ने भी एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। मेघराज (नायला) ने अपनी सुमधुर प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में भक्ति का रंग और गहरा कर दिया। सभी भजन गायकों की प्रस्तुतियों पर श्रद्धालु हाथ उठाकर, तालियां बजाकर और जयकारे लगाकर बाबा श्याम की भक्ति में झूमते नजर आए।भजन गायकों की मधुर वाणी और श्याम भजनों से मंदिर परिसर देर रात तक गूंजता रहा। श्रद्धालुओं ने बाबा श्याम के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। पूरे कार्यक्रम के दौरान ‘हारे का सहारा बाबा श्याम हमारा’ और बाबा श्याम के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।व्यवस्थापक शेर सिंह धाकड़, जे.पी. गुप्ता, राजकुमार अग्रवाल एवं महेश राजावत ने बताया कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। अंत में बाबा श्याम की आरती की गई। आरती के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।




