शब्द, भजन और गीतों की मधुर महफ़िल में झलकेगी काव्य की कशिश

जे पी शर्मा के मधुर भजनों का करेंगे रसपान ,
सागर सिंह का गूंजेगा विचित्र प्रेमरस गान,
विजय नागपाल नाविक के मधुर गीत,
हमेशा महफ़िल में भर देते हैं जान !!
जितेन्द्र, नवीन के मुक्तकों का क्या कहना,
सच में लेते हैं दिलों को जीत !
अभिनाश की बोध रचना में झलकती है,
भक्त और भगवान की अनूठी प्रीत !!
पायल, सौरब,विकास, रोहित व रजनी बाला,
मिलकर करेंगे समां को थोड़ा मतवाला !
ओजस्वी, सुमन, शांति राना और पुनीता,
इनके काव्य गान ने हमेशा सबका दिल जीता !!
सत्यरूपा, योगेश, गोविन्द, यश और प्रमोद तिवारी,
इनकी रचनाओं के आगे बड़ी बड़ी प्रतिभायें हारी !
प्रेम सागर, मदन मुरादाबादी, गुरमीत विभु व खंडेलवाल,
काव्य जगत के महारथी मंच पर मचाते खूब धमाल !!
सुखपाल गौर और उनकी टीम की बात बिल्कुल निराली,
एक से बढ़कर एक धुरंधर जैसे सावन की हरियाली !
संजय गिरी, अंजू उत्साही, शिव झा और गोल्डी गीतकार,
अपनी रचना से कर देते हैं किसी पल को एकदम साकार !!
नीलम, हुमा, अमृता, सलोनी और कुसुम लता,
जानी मानी कवयित्रियां , सबको इनकी प्रतिभा का पता !
मनोज, राजेश, सुधीर, रामेंद्र जैसे उत्तम रचनाकार,
सौभाग्य से इस कार्यक्रम में इनको सुनेंगे पहली बार !!
राब्ता के सारे कृतिकार, मंच पर करेंगे कुछ अलग कमाल ,
राजन, विकास रवि घायल दिखायेंगे अपना रंगे-जमाल !
अध्यक्षा कंचन का मंच संचालन बिखेरेगा इंद्रधनुष की चमक,
पवन की आवभगत फैलायेगी कशिश काव्य मंच की दमक
पवन मल्होत्रा एडवोकेट
संयोजक
कशिश काव्य मंच



