आशाओं का फूटा दर्द — जनवरी से अक्टूबर तक नहीं मिला मानदेय, किया धरना प्रदर्शन
अरुण शर्मा। जिला ब्यूरो चीफ , नजर इंडिया 24
आगरा। आशा कार्यकर्ताओं का सब्र आखिर टूट गया। जनवरी से अक्टूबर तक मानदेय न मिलने से नाराज दर्जनों महिला आशाओं ने गुरुवार को जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। महिलाओं का कहना है कि मानदेय नहीं तो काम नहीं क्योंकि ₹2000 में बढ़ती महंगाई के बीच गुज़ारा कर पाना नामुमकिन है।
आशाओं ने MOIC चिकित्सा केंद्र अधिकारी नुनिहाई, आगरा को ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि जब तक बकाया मानदेय जारी नहीं किया जाता, तब तक कार्य पूरी तरह बंद रहेगा। धरना प्रदर्शन में शोभा सारस्वत, बबीता जैन, रूबी, मोहिनी दिवाकर, राखी, लक्ष्मी सक्सेना, अनुराधा, अंजली यादव, कल्पना, मिथलेश कुशवाहा, माया देवी समेत दर्जनों आशा कार्यकर्ता शामिल रहीं।
महिलाओं ने प्रशासन से जल्द बकाया मानदेय जारी करने और भत्तों में बढ़ोतरी की मांग की। आशाओं का कहना है कि वे दिन-रात गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं में लगी रहती हैं, लेकिन महीनों से मेहनताना नहीं मिला, जिससे परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है




