जयपुर की अनीता सिंघल को ‘सर्वश्रेष्ठ संकलक अवॉर्ड,’ बेटी पलकों पर रखा एक सपना’ के लिए मिला प्रतिष्ठित सम्मान

जयपुर। हिंदी साहित्य में अपनी सशक्त और संवेदनशील पहचान बना रहीं युवा कवयित्री, लेखिका एवं संकलक अनीता सिंघल को उनके उल्लेखनीय साहित्यिक योगदान के लिए हाल ही में ‘सर्वश्रेष्ठ संकलक पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें उनकी नवीनतम संकलित कृति ‘बेटी पलकों पर रखा एक सपना’ के लिए प्रदान किया गया।
यह पुस्तक जयपुर की प्रतिष्ठित प्रकाशन संस्था सोच पब्लिकेशन से प्रकाशित हुई है, जिसका संचालन सुरंगमा द्वारा किया जाता है। संकलन में नारी चेतना, बेटी के सपनों और सामाजिक संवेदनाओं को सशक्त साहित्यिक अभिव्यक्ति के साथ प्रस्तुत किया गया है, जो पाठकों को गहरे स्तर पर संवेदित करता है। साहित्यिक जगत के विद्वानों और रचनाकारों ने अनीता सिंघल के इस प्रयास को हिंदी साहित्य में एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील योगदान बताया है। यह सम्मान न केवल उनके रचनात्मक और संकलन कार्य की सराहना है, बल्कि हिंदी साहित्य में महिला संकलकों की सशक्त भूमिका को भी रेखांकित करता है। अनीता सिंघल की यह उपलब्धि समकालीन हिंदी साहित्य में नारी दृष्टि और सामाजिक सरोकारों को नई ऊर्जा प्रदान करने वाली मानी जा रही है।




