बास तहसील परिसर में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की मांग को लेकर सौंपा गया ज्ञापन

रिपोर्ट: लोकेश झा
महाग्राम बास (हरियाणा)।
आज बास तहसील परिसर में स्वर्ण सहित समस्त समाज के प्रतिनिधियों द्वारा प्रधानमंत्री एवं राष्ट्रपति महोदय के नाम एक मांग पत्र सौंपा गया। नायब तहसीलदार की अनुपस्थिति में यह ज्ञापन टी.आर.ए. को सौंपा गया।
ज्ञापन में कहा गया कि देश को आजाद हुए 78 वर्ष हो चुके हैं और अब समय की आवश्यकता है कि धर्म आधारित पर्सनल लॉ समाप्त कर यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू किया जाए। संविधान के अनुसार राष्ट्र का कोई अपना धर्म नहीं है, इसलिए धर्म आधारित व्यक्तिगत कानूनों की जगह समान नागरिक संहिता लागू होनी चाहिए, जिससे धर्म, जाति और लिंग के आधार पर होने वाले भेदभाव समाप्त किए जा सकें।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू होने से न्यायपालिका के लिए न्याय प्रदान करना और अधिक सरल व सुलभ हो जाएगा। साथ ही कहा गया कि सनातन धर्मी हिंदुओं को संगठित करने एवं भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए जाति व्यवस्था को समाप्त कर ऐसा कानून बनाया जाए, जिसमें सभी स्वयं को केवल सनातन धर्म भारतीय के रूप में पहचानें और किसी अन्य जातिगत पहचान को मान्यता न दी जाए।
इसके अतिरिक्त यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) 2026 के नए नियमों के संबंध में भी मांग पत्र में अपने विचार व सुझाव प्रस्तुत किए गए।
इस अवसर पर नवयुवा जागृति मंच के प्रधान कपिल वत्स, एडवोकेट सुभाष गौड़, हरिओम भारद्वाज, महेश कागसर, चिराग गौतम, ओमी खरबला, दलबीर फौजी युवा साथी तथा उगालन ग्राम के कुछ वरिष्ठ नागरिक भी उपस्थित रहे।
रिपोर्ट: लोकेश झा



