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मेरे आदर्श शिक्षक  — रमेश शर्मा

 

मैं आज स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में लालसोट मैनेजर के पद पर कार्यरत अपना काम कर रहा था अचानक मेरी नज़र काउंटर पर खड़े श्री मुकेश माथुर सर पर पड़ी।
मैं तुरंत काउंटर के दूसरी तरफ पहुंचा और गुरु जी के चरणस्पर्श करके आने का कारण पूछा। उन्होंने बताया कि मुझे हाऊसिंग लोन लेना है उसके बारे में जानकारी लेने आया था। मैं उन्हें अपने केबिन में ले गया। और हमारे सहयोगी श्री गुप्ता जी को बुलाया कर उनके लोन के लिए पेपर भेजने और दो चाय भेजने के लिए कहा। उनकी पेपर की सारी कार्यवाही करवा कर उन्हें तीन दिन बाद आने के लिए कहा।
उनके जाने के बाद में ख्वाबों में खो गया। मुकेश सर मुझे दसवीं में गणित पढ़ाते थे।वे बहुत अच्छे इंसान थे और सभी छात्रों की मदद करते थे।वे मेरे आदर्श शिक्षक थे। बारहवीं में उन्होंने हमें अपने घर पर निःशुल्क गणित की पढ़ाई करवाई और मेरी आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण मैं फीस जमा करवाने में असमर्थ था।जब मुकेश सर को पता चला तो उन्होंने मेरी फीस जमा करवाई।
आज मैं जो भी कुछ बन पाया वो उन्हीं की वजह से हूं। मेरे जैसे कई छात्रों का उन्होंने जीवन बनाया।

रमेश शर्मा

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