कहने को तो सब हैं – डॉ सरिता चौहान

कहने को तो सब है
दिखने वाले बहुतेरे हैं
पर कोई तो ऐसा नहीं है
जिसके साथ में रह सकूं
जिसके साथ में जी सकूं
जिससे अपने दिल की बातें कर सकूं
जिसके दिल की धड़कनों में बस सकूं
जिसके साथ खा सकूं
जिसके साथ पी सकूं
और इसके साथ चैन से जी सकूं
कहने को तो सब हैं
दिखने वाले बहुतेरे हैं
इस भरी दुनिया में कोई भी हमारा नहीं है
मैं जिस पर हक जाता सकूं कोई ऐसा सहार नहीं है
सब अपने-अपने मतलब के हैं
मैं जिसके काम आ सकी ठीक है
नहीं आ सकी बेगाना है
परिवार पति रिश्ते नाते सब स्वार्थ के हैं
जिस दिन मेरे पांव की रंजन थक जाएगी
उसे दिन कोई मेरा नहीं है
ऐसा भी होता है एक स्त्री का जीवन
जो ना चाहते हुए भी जीती है
और जीना चाहते हुए भी मर जाती है
क्या ही कर सकती है वो
किस-किस से लड़ेगी
समाज से जाति और धर्म से
परंपरा से या फिर अपने से
वह ममता की आड़ में
न जाने कितनी चोटें खाती है
उफनते हुए सागर को अपने भीतर दबा लेती है
रोज मर मर के जीती है
अपनी इच्छाओं को तो तार पर रख देती है
भावनाओं को आसमान में टंगा हुआ देख
आजीवन उसे उतारने की कोशिश में ही
भटकी भटकी सी रहती है
नहीं समझ पाती मजबूती से
तेरा अपना वजूद ही अपना है
तेरी अस्मिता ही अपनी है
तेरी मर्यादाएं तो सीमा लांघ नहीं सकती
अपनों को कुछ कह नहीं सकती
बेगानों को अपना बना नहीं सकती
क्या ही कर सकती है तू
तू तो एक स्त्री है
उसमें भी विवाहित है
तेरी स्वतंत्रता कहीं नहीं है
दिन रात पति की मार खाकर
पतिव्रता कहलाने वाली स्त्री है तू
तेरी जमीन और आसमान
दोनों ही तेरा पति है
इसलिए पति चाहेगा तभी तू आसमान में उड़ेगी
चाहेगा तभी तू जमी पर भी जीवित रहेगी
नहीं तो बीच में ही त्रिशंकु की तरह लटकी रहेगी
जहां कोई इज्जत नहीं कोई अपनापन नहीं
कोई मर्यादा नहीं
तू तो इसकी आधिकारिक वेबसाइट है
जहां वह जो चाहे लिख सकता है
तेरी तकदीर भी बदल सकता है
तेरी हाथों की रेखाओं को मिटा सकता है
तेरे कदम आगे बढ़ाने से रोक सकता है
वह जो चाहे वह कर सकता है
वह स्वतंत्र है आजाद है
तू पर तंत्र है और
गुलामी की बेड़ी में जकड़ी हुई है
ममता ने बेड़ी ने
तुझे निस्तब्ध कर दिया है
चुप ही रह मत कुछ बोल
मर्यादा में रह
अपने आप को क्या समझ रखा है
रोटी कपड़े मकान तुझे चाहिए सो मिल रहा है
अपनी पेट भर और भूख मिटा
पति के कार्यों में हस्तक्षेप मत करो
उनके मार्ग में रोड मत बनो
स्वरचित
डॉ सरिता चौहान पीएम श्री एडी राजकीय कन्या इंटर कॉलेज गोरखपुर




