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दुनिया तक व्यापार की हुंकार: एमएसएमई निर्यात सम्मेलन 2026 में यूपी के ग्लोबल इरादे हुए स्पष्ट

अरुण शर्मा। नजऱ इंडिया 24 , जिला ब्यूरो चीफ

आगरा। जब नीति का भरोसा, तकनीक की ताकत और उद्यमियों का आत्मविश्वास एक मंच पर एकत्र होता है, तब निर्यात केवल आर्थिक गतिविधि नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम बन जाता है। इसी सोच को साकार करते हुए आगरा में दो दिवसीय उत्तर प्रदेश एमएसएमई निर्यात सम्मेलन 2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। इस आयोजन ने स्पष्ट कर दिया कि उत्तर प्रदेश अब स्थानीय बाजारों तक सीमित नहीं, बल्कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए पूरी तरह तैयार है।
फतेहाबाद रोड स्थित होटल डबल ट्री बाय हिल्टन में आयोजित सम्मेलन की थीम “वैश्विक भविष्य के लिए भारत व उत्तर प्रदेश के निर्यात को सशक्त बनाना” रखी गई है। पहले दिन एआई आधारित व्यापार रणनीतियों, अंतरराष्ट्रीय ब्रांडिंग, सुरक्षित निर्यात, लॉजिस्टिक्स और वैश्विक कानून जैसे विषयों पर गहन मंथन हुआ।

दीप प्रज्ज्वलन के साथ शुभारंभ

सम्मेलन का उद्घाटन उप्र लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष एवं आयोजन समिति के संरक्षक राकेश गर्ग, चमड़ा एवं फुटवियर उद्योग परिषद के अध्यक्ष एवं आयोजन समिति के चेयरमैन पूरन डावर, मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह, संयुक्त आयुक्त उद्योग अनुज कुमार, प्रोग्रामिंग कमेटी चेयरमैन गोपाल गुप्ता, लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय सचिव दीपक अग्रवाल, प्रदेश सचिव एवं प्रोग्राम कन्वीनर मनीष अग्रवाल रावी, जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता, नेशनल चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष सीताराम अग्रवाल, आगरा सराफा एसोसिएशन अध्यक्ष नितेश अग्रवाल, डॉ. प्रशांत गुप्ता और आगरा ब्रश एंड क्लीनिंग एसोसिएशन अध्यक्ष अमित मोरानी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन कर किया।
पहले दिन आगरा, हाथरस, अलीगढ़, फिरोजाबाद, मैनपुरी सहित आसपास के जनपदों से 300 से अधिक निर्यात उद्यमियों की सक्रिय भागीदारी रही, जिससे आगरा एक बार फिर वैश्विक निर्यात संवाद का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा।

भारत फिर बनेगा वैश्विक निर्यात शक्ति: राकेश गर्ग

मुख्य अतिथि राकेश गर्ग ने कहा कि भारत यूं ही सदियों तक सोने की चिड़िया नहीं रहा। ब्रिटिश काल में देश कमजोर हुआ, लेकिन आज भारत फिर से वैश्विक मंच पर मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कहा कि कृषि से खुशहाली आती है, पर वास्तविक समृद्धि उद्योगों से आती है। इंडस्ट्री फैसिलिटी सेंटर के माध्यम से सिंगल विंडो पर सुविधाएं दी जा रही हैं और भारत के डीएनए में ही उद्यमिता व जोखिम उठाने का साहस मौजूद है।

निर्यात नहीं बढ़ा तो रुपये की स्थिरता पर संकट: मंडलायुक्त

मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। कुछ देशों की दादागिरी से घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन यदि निर्यात नहीं बढ़ा तो रुपये की स्थिरता बनाए रखना कठिन होगा। उन्होंने एक्सप्रेस-वे नेटवर्क, सरल भूमि आवंटन और सिंगल विंडो सिस्टम को प्रदेश की बड़ी ताकत बताया।

निर्यात है अर्थव्यवस्था की रीढ़:

अनुज कुमार संयुक्त आयुक्त उद्योग अनुज कुमार ने कहा कि निर्यात किसी भी राज्य की आर्थिक रीढ़ होता है। उत्तर प्रदेश सरकार ने 2025–30 निर्यात नीति लागू की है, जिसमें फ्रेट सब्सिडी दोगुनी, छोटे उद्यमियों के लिए 30 लाख रुपये तक सब्सिडी, विदेशी प्रदर्शनियों में भागीदारी, ईसीजीसी प्रीमियम, कूरियर और निर्यात इंसेंटिव पर पहली बार सब्सिडी का प्रावधान किया गया है।

उद्योग जगत की खुली बात

दीपक अग्रवाल ने बताया कि आगरा से फुटवियर के साथ लेदर पर्स, बैग, जैकेट और मसालों की यूरोप व मिडिल ईस्ट में जबरदस्त मांग है। विजय गुप्ता ने सम्मेलन को युवा उद्यमियों के लिए प्रशिक्षण केंद्र बताया। रजनी नैयर ने पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी को विदेशी मुद्रा अर्जन का सशक्त माध्यम बताया। राजेंद्र गुप्ता (फिरोजाबाद) ने ग्लास उद्योग के लिए टेस्टिंग लैब और ट्रेनिंग सेंटर की आवश्यकता बताई, जबकि नितेश अग्रवाल ने आगरा के चांदी कारोबार के निर्यात में बड़ी छलांग की संभावना जताई।

एमएसएमई ग्रोथ कैटेलिस्ट अवॉर्ड 2026

दूसरे सत्र में एमएसएमई ग्रोथ कैटेलिस्ट अवॉर्ड 2026 के तहत विष्णु कुमार, नितिन गोयल, मनीष मित्तल, रोहित बंसल, अशोक कुमार, मयंक जैन, अंकुर गोयल, विकास आनंद और शुभम अग्रवाल को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डायरेक्टर एमएसएमई-डीएफओ आगरा वी.के. वर्मा ने योजनाओं की जानकारी देते हुए अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।

एआई से बदलेगा निर्यात का खेल

एआई केंद्रित सत्र में सीए रूपल गर्ग ने कहा कि चैटजीपीटी, ग्रो और पर्पलेक्सिटी जैसे टूल्स निर्यातकों के लिए पर्सनल असिस्टेंट की तरह हैं। सही प्रश्न पूछने पर एआई से खरीदार की पहचान, क्रेडिट वैल्यू जांच और जोखिम कम किया जा सकता है। सत्र में रजत अस्थाना, सीए गौरव सिंघल, अनिल अग्रवाल, मोहित सिंह, नितिन अग्रवाल और राममोहन कपूर मौजूद रहे।
ब्रांड बनेगा तो बाजार बनेगा
सीएस अनुज अशोक और रितु अग्रवाल ने कहा कि वैश्विक बाजार में पहचान के लिए मजबूत ब्रांड अनिवार्य है। ब्रांडिंग केवल लोगो नहीं, बल्कि गुणवत्ता, कानूनी अनुपालन और विश्वसनीयता का निर्माण है। ईसीजीसी की भूमिका और सरकारी सब्सिडी पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
गुणवत्ता, लॉजिस्टिक्स और कानून पर जोर
डॉ. अमरीश कुमार ने लॉजिस्टिक्स को निर्यात की रीढ़ बताया। रजत अस्थाना ने वैश्विक गुणवत्ता मानकों पर जोर दिया। वरिष्ठ अधिवक्ता के.सी. जैन ने अंतरराष्ट्रीय कानून और अनुबंधों में सतर्कता की सलाह दी। अजय शर्मा (NABCB) और धीरज कुमार सिंह ने गुणवत्ता और सरकारी नीतियों पर प्रकाश डाला।
सम्मेलन का पहला दिन उद्योग, सरकार और उद्यमियों के बीच सार्थक संवाद के साथ संपन्न हुआ। आगामी सत्रों में तकनीकी, वित्तीय और वैश्विक अवसरों पर और गहन चर्चा की जाएगी।

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