अथर्व संवाद में डॉ. कंचन जैन सम्मानित, कहा— बच्चों के अंक नहीं, जीवन की सफलता है सर्वोपरि
लखनऊ। अथर्व इंडिया अंतर्राष्ट्रीय शोध संस्थान द्वारा आयोजित ‘अथर्व संवाद’ कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध शिक्षाविद् डॉ. कंचन जैन को “आदर्श अभिभावक सम्मान-पत्र” से सम्मानित किया गया। 12 जुलाई 2026 को आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम का विषय था आदर्श अभिभावक: वर्तमान परिवेश में माता-पिता के उत्तरदायित्व एवं कर्तव्य। कार्यक्रम में डॉ. कंचन जैन ने मुख्य अतिथि एवं वक्ता के रूप में अपने विचार प्रस्तुत किए।
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. कंचन जैन ने संस्थान के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक डॉ. वी.बी. पाण्डेय, कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. वीणा वादिनी तथा राष्ट्रीय कार्यक्रम संयोजक अनिशा कुमारी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें सफल आयोजन के लिए बधाई दी।अपने प्रेरक एवं विचारोत्तेजक संबोधन में डॉ. कंचन जैन ने कहा कि आज की अंक-केंद्रित शिक्षा व्यवस्था में बच्चों पर अत्यधिक अंक लाने का दबाव उनकी रचनात्मकता, आत्मविश्वास और मानसिक शांति को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने कहा कि माता-पिता का वास्तविक दायित्व बच्चों को 90 या 95 प्रतिशत अंक लाने के लिए बाध्य करना नहीं, बल्कि उन्हें भयमुक्त, प्रेमपूर्ण और सकारात्मक वातावरण प्रदान करना है, जिससे उनका समग्र व्यक्तित्व विकसित हो सके।उन्होंने कहा कि जीवन की वास्तविक सफलता केवल परीक्षा के अंकों से नहीं मापी जा सकती, बल्कि संवेदनशीलता, सुदृढ़ चरित्र, भावनात्मक बुद्धिमत्ता, विपरीत परिस्थितियों में मुस्कुराने का साहस और परिवार से मिलने वाला निस्वार्थ प्रेम ही व्यक्ति को सफल बनाता है। डॉ. जैन ने अभिभावकों से आह्वान किया कि वे बच्चों की तुलना दूसरों से करने के बजाय उनकी प्रतिभा को पहचानें, उनका आत्मविश्वास बढ़ाएं और उन्हें अपनी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि यही दृष्टिकोण बच्चों को एक आदर्श नागरिक और सफल इंसान बनने की दिशा में अग्रसर करेगा।कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षाविदों, अभिभावकों एवं प्रतिभागियों ने डॉ. कंचन जैन के विचारों की सराहना करते हुए उन्हें वर्तमान समय की आवश्यकता के अनुरूप प्रेरणादायी बताया। आयोजन का समापन सम्मान समारोह एवं धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।




