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हालात बदलें तो बेटियाँ भी वज़ीर बन जाती हैं – नीलम सोनी ब्यावर राजस्थान

बेटियों के लिए प्रेरणा:
जिंदगी के किसी भी मोड पर कभी कभी जिंदगी की गाड़ी ऐसे मोड पे लेके आ जाती है। जिंदगी में एक दिन ऐसे एक लड़की जिंदगी में घटित हुई ।जो आज आपको बताने जा रही हु।एक कंपनी में साक्षात्कार के दौरान, बॉस, जिसका नाम अनिल था, ने सामने बैठी महिला, सीमा से पूछा, आप इस नौकरी के लिए कितनी तनख्वाह की उम्मीद करती हैं?
सीमा ने बिना किसी झिझक के आत्मविश्वास से कहा, “कम से कम 80,000 रुपये।
अनिल ने उसकी ओर देखा और आगे पूछा, “आपको किसी खेल में दिलचस्पी है?
सीमा ने जवाब दिया, जी, मुझे शतरंज खेलना पसंद है।
अनिल ने मुस्कुराते हुए कहा, शतरंज बहुत ही दिलचस्प खेल है। चलिए, इस बारे में बात करते हैं। आपको शतरंज का कौन सा मोहरा सबसे ज्यादा पसंद है? या आप किस मोहरे से सबसे अधिक प्रभावित हैं?
सीमा ने मुस्कुराते हुए कहा, वज़ीर।
अनिल ने उत्सुकता से पूछा, “क्यों? जबकि मुझे लगता है कि घोड़े की चाल सबसे अनोखी होती है।”
सीमा ने गंभीरता से जवाब दिया, “वास्तव में घोड़े की चाल दिलचस्प होती है, लेकिन वज़ीर में वो सभी गुण होते हैं जो बाकी मोहरों में अलग-अलग रूप से पाए जाते हैं। वह कभी मोहरे की तरह एक कदम बढ़ाकर राजा को बचाता है, तो कभी तिरछा चलकर हैरान करता है, और कभी ढाल बनकर राजा की रक्षा करता है।”
अनिल ने उसकी समझ से प्रभावित होते हुए पूछा, “बहुत दिलचस्प! लेकिन राजा के बारे में आपकी क्या राय है?”
सीमा ने तुरंत जवाब दिया, “सर, मैं राजा को शतरंज के खेल में सबसे कमजोर मानती हूँ। वह खुद को बचाने के लिए केवल एक ही कदम उठा सकता है, जबकि वज़ीर उसकी हर दिशा से रक्षा कर सकता है।”
अनिल सीमा के जवाब से प्रभावित हुआ और बोला, “बहुत शानदार! बेहतरीन जवाब। अब ये बताइए कि आप खुद को इनमें से किस मोहरे की तरह मानती हैं?”सीमा ने बिना किसी देर के जवाब दिया, राजा।
अनिल थोड़ी हैरानी में पड़ गया और बोला, “लेकिन आपने तो राजा को कमजोर और सीमित बताया है, जो हमेशा वज़ीर की मदद का इंतजार करता है। फिर आप क्यों खुद को राजा मानती हैं?सीमा ने हल्की मुस्कान के साथ कहा, जी हाँ, मैं राजा हूँ और मेरा वज़ीर मेरा पति था। वह हमेशा मेरी रक्षा मुझसे बढ़कर करता था, हर मुश्किल में मेरा साथ देता था, लेकिन अब वह इस दुनिया में नहीं है।अनिल को यह सुनकर थोड़ा धक्का लगा, और उसने गंभीरता से पूछा, “तो आप यह नौकरी क्यों करना चाहती हैं?
सीमा की आवाज भर्राई, उसकी आँखें नम हो गईं। उसने गहरी सांस लेते हुए कहा, क्योंकि मेरा वज़ीर अब इस दुनिया में नहीं रहा। अब मुझे खुद वज़ीर बनकर अपने बच्चों और अपने जीवन की जिम्मेदारी उठानी है।
यह सुनकर कमरे में एक गहरी खामोशी छा गई। अनिल ने तालियाँ बजाते हुए कहा, बहुत बढ़िया, सीमा। आप एक सशक्त महिला हैं।शिक्षा और सशक्तिकरण का महत्व यह कहानी उन सभी #बेटियों के लिए एक प्रेरणा है जो जिंदगी में किसी भी तरह की मुश्किलों का सामना कर सकती हैं। बेटियों को अच्छी शिक्षा और परवरिश देना बेहद जरूरी है
ताकि अगर कभी उन्हें कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़े, तो वे खुद वज़ीर बनकर अपने और अपने परिवार के लिए एक मजबूत ढाल बन सकें।
किसी विद्वान ने कहा है, एक बेहतरीन #पत्नी वह होती है जो अपने पति की मौजूदगी में एक आदर्श औरत हो, और पति की गैरमौजूदगी में वह मर्द की तरह परिवार का बोझ उठा सके।
यह कहानी हमें सिखाती है कि #जीवन में परिस्थितियाँ चाहे जैसी भी हों, अगर आत्मविश्वास और समझदारी हो, तो कोई भी मुश्किल हालात को पार किया जा सकता है।
नीलम सोनी ब्यावर राजस्थान

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