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हिन्दी की वैश्विक पहचान को मिला सम्मान, इंडोनेशिया की वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर इंदु नांदल सम्मानित*

 

“हिन्दी दिवस पर सिंगापुर में मिला ‘विश्व अतिथि सम्मान’, हरित चेतना और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को मिली अंतरराष्ट्रीय सराहना”
नई दिल्ली । हिन्दी दिवस के अवसर पर भारतीय उच्चायोग, सिंगापुर व विश्व साहित्य सेवा संस्थान, सिंगापुर द्वारा इंडोनेशिया की इंदु नांदल को ‘विश्व अतिथि सम्मान’ से सम्मानित किया गया। उन्हें समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित कर प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया गया। पर्यावरण संरक्षण, हरित चेतना और प्रकृति के प्रति उनके निरंतर समर्पण एवं उल्लेखनीय योगदान के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया।
समारोह में भारतीय उच्चायोग, सिंगापुर के प्रतिनिधि श्री अरविन्द श्रीवास्तव एवं श्रीमती ज्योति मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर ‘भारतीय हरित धरोहर’ पुस्तक का विमोचन भी किया गया। अतिथियों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति इंदु नांदल के संकल्प की सराहना करते हुए उनके अभियान को निरंतर आगे बढ़ाने की शुभकामनाएँ दीं।
अपने संबोधन में इंदु नांदल ने हिन्दी भाषा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति, संवेदना और विचारों को विश्व तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के अपने हरित धरोहर संकल्प को दोहराते हुए विश्वभर के पर्यावरण प्रेमियों से धरती को हरा-भरा बनाने के अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।
भारत, इंडोनेशिया, अमरीका ,सिंगापुर, दुबई , ऑस्ट्रेलियाई , जर्मनी ,नेदरलैंड्स और यू.के सहित विभिन्न देशों के पर्यावरण प्रेमी उनके अभियान से जुड़े हुए हैं। इंदु नांदल ने अपने अभियान से जुड़े सहयोगियों को विशेष सम्मान देते हुए विभिन्न देशों के पर्यावरण कार्यकर्ताओं का परिचय भी कराया।
‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ और ‘वन्दे मातरम्’ की भावना के साथ आगे बढ़ रहे इस पर्यावरण अभियान में काउंसिल जनरल ऑफ इंडिया इंडोनेशिया श्री रवि शंकर गोयल जी का प्रारंभ से सहयोग रहा है। वहीं अमेरिका की डॉ. दुर्गा सिन्हा के मार्गदर्शन में भी यह अभियान निरंतर संचालित किया जा रहा है।
सिंगापुर प्रवास के दौरान इंदु नांदल ने पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को व्यवहार में उतारते हुए वृक्षारोपण भी किया। उनके इस प्रयास ने हिन्दी दिवस समारोह को भाषा और साहित्य के साथ प्रकृति संरक्षण के संदेश से भी जोड़ा।
इंदु नांदल ने भारतीय उच्चायोग, सिंगापुर के श्री अरविन्द श्रीवास्तव एवं श्रीमती ज्योति, भारतीय उच्चायोग, काउंसिल जनरल ऑफ इंडिया इंडोनेशिया श्री रविशंकर गोयल, 100 दिवसीय वृक्षारोपण—वर्ल्ड रिकॉर्ड-7 की मार्गदर्शिका डॉ. दुर्गा सिन्हा, अमेरिका तथा वी.वी.एस.एस. की संस्थापक श्रीमती अनुसूया साहू, सिंगापुर के प्रति आभार व्यक्त किया।
यह जानकारी 100 दिवसीय वृक्षारोपण—वर्ल्ड रिकॉर्ड-7 की मीडिया प्रवक्ता डॉ. पल्लवी सिंह ‘अनुमेहा’, बैतूल, मध्यप्रदेश, भारत ने दी।
इंदु नांदल के सम्मान एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय प्रयासों पर देश-विदेश के साहित्य प्रेमियों, पर्यावरण प्रेमियों और कला जगत से जुड़े लोगों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं।

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