विप्र फाउंडेशन की समाज को सौगात: श्री परशुराम ज्ञानपीठ- सेंटर फॉर एक्सीलेंस एंड रिसर्च का सेवार्पण 6 सितंबर को
देश-प्रदेश से हजारों की संख्या में जुटेंगे विप्र बंधु

जयपुर। शिप्रा पथ मानसरोवर में विप्र फाउंडेशन के तत्वावधान में नव निर्मित श्री परशुराम ज्ञानपीठ-सेंटर फॉर एक्सीलेंस एंड रिसर्च का भव्य सेवार्पण (उद्घाटन) 6 सितम्बर को दोपहर 2 बजे होगा। उद्घाटन समारोह नीरजा मोदी स्कूल ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा। इसमें देश-प्रदेश के विशिष्टजन, वरिष्ठ समाजसेवी एवं हजारों लोग भाग लेंगे। इस संबंध में शुक्रवार को परशुराम पीठ में पदाधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में विभिन्न जिलों के पदाधिकारी शामिल हुए। अधिक से अधिक संख्या में समाजबंधुओं को कार्यक्रम में लाने का संकल्प लिया गया। आयोजन समिति को-ऑर्डिनेटर राष्ट्रीय महामंत्री पवन पारीक ने बताया कि इसके लिए जोनल अध्यक्ष राजेश कर्नल सहित 25 सदस्यों की आयोजन समिति गठित की गई है।
*शिक्षा-संस्कार-रोजगार का त्रिवेणी संगम:*
राजस्थान सरकार द्वारा आवंटित भूमि पर निर्मित यह छह मंजिला भवन शिक्षा, संस्कार एवं रोजगार को समर्पित रहेगा जिसमें वैदिक अनुसंधान केन्द्र, कन्या छात्रावास, प्रतियोगी परीक्षा प्रशिक्षण व कोचिंग कक्षाएं, कौशल विकास केन्द्र, ई-लाइब्रेरी, अतिथि गृह, सभागार एवं सांस्कृतिक गतिविधियां संचालित होंगी। इन गतिविधियों के संचालन के लिए 15 सदस्यीय संचालन समिति बनाई गई है जिसमें पूर्व पुलिस महानिदेशक ओमेन्द्र भारद्वाज चेयरमैन, राज्य कर्मचारी चयन बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष हरिप्रसाद शर्मा कार्यकारी चेयरमैन तथा सतीश चंद्र शर्मा सदस्य सचिव के रूप में सेवाएं देंगे।
*साकार हुआ स्वप्निल प्रकल्प:*
राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता एवं स्वजातीय गतिशीलता को समर्पित विप्र फाउंडेशन विगत 16 वर्षों से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर समाजसेवा के विविध क्षेत्रों में सक्रिय है। संस्था की लोकसेवी गतिविधियों को देखते हुए राजस्थान सरकार ने शिप्रा पथ, जयपुर पर भूमि आवंटित की थी जहां अब यह स्वप्निल प्रकल्प साकार हुआ है। 6 सितम्बर 2025 को उद्घाटन के साथ ही श्री परशुराम ज्ञानपीठ समाजहित की विविध गतिविधियों का संचालन प्रारंभ करेगा।




