त्योहारों की श्रृंखला में दीपोत्सव – प्रकाश का पर्व, चेतना का संदेश — दीपक शर्मा
जयपुर। दीपावली का पर्व केवल दीपों से घर-आंगन सजाने का अवसर नहीं, बल्कि यह हमारे अंतर्मन के अंधकार को मिटाने का संदेश देने वाला पावन उत्सव है। शिक्षाविद् एवं अधिवक्ता दीपक शर्मा ने कहा कि दीपोत्सव हमें यह सिखाता है कि जब हम प्रेम, सेवा और सच्चाई का दीप अपने भीतर जलाते हैं, तभी वास्तविक दीपावली होती है। उन्होंने कहा कि समाज सृजन, श्रम और संस्कारों का प्रतीक है, और उसकी परंपराएं हमें प्रेरित करती हैं जहां हो संस्कृति, वहां हो समृद्धि; जहां हो सेवा, वहां हो सच्चा समाज। इस पावन पर्व पर हमें अपने भीतर की बुराइयों का दहन करने, सच्चाई और ईमानदारी के मार्ग पर चलने, तथा समाज में प्रेम, सहयोग और सद्भाव का प्रकाश फैलाने का संकल्प लेना चाहिए। दीपक शर्मा ने कहा कि दीप केवल बाहर नहीं, बल्कि भीतर भी जलाएं आशा, विश्वास और परिवर्तन के दीप।
उन्होंने कहा कि आज हम जो हैं, वह हमारे बीते कल का परिणाम है, और हमारा भविष्य इस पर निर्भर करता है कि आज हम क्या करते हैं। दीपोत्सव केवल रोशनी का नहीं, बल्कि चेतना जागरण का पर्व है। अंत में उन्होंने सभी को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा की ईश्वर करे यह दीपोत्सव आपके जीवन में ज्ञान, स्वास्थ्य, शांति और समृद्धि का आलोक लाए।




