“ब्रज की होली” — डॉ डिम्पल सैनी

होली एक लोकप्रिय प्राचीन हिंदू त्योहार है, जिसे वसंत ऋतु का त्योहार, रंगों का त्योहार या प्रेम का त्योहार भी कहा जाता है।
होली का त्योहार श्री राधा कृष्ण जी के शाश्वत और दिव्य प्रेम का उत्सव है।
ब्रज – उत्तर प्रदेश के मथुरा, आगरा, अलीगढ़, गाजियाबाद, जीबी नगर, हाथरस, कासगंज, मैनपुरी, एटा, इटावा, फर्रुखाबाद जिले।
राजस्थान के भरतपुर, धौलपुर, अलवर (पूर्व), करौली जिले।
हरियाणा के पलवल, फरीदाबाद और नूह (पूर्वी और दक्षिणी) जिले।
ब्रज की होली रंगों का त्योहार है, लेकिन यह देश के अन्य हिस्सों से कुछ अलग है, यही कारण है कि यह विश्व प्रसिद्ध है। जहां देश के अन्य हिस्सों में होली एक या दो दिन मनाई जाती है, वहीं ब्रज में होली पूरे महीने मनाई जाती है। ब्रज क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में इसे अलग-अलग तरीके से मनाया जाता है और हर जगह की अपनी अलग तरह की होली होती है। ब्रज में मनाई जाने वाली विभिन्न प्रकार की होली इस प्रकार हैं: 1.लट्ठमार होली (नंदगांव, बरसाना, मथुरा), 2.लाडू की होली(बरसाना), 3.फूलों की होली(मथुरा,वृंदावन), 4.रसिया होली(पलवल,मथुरा के जिले), 5.दाऊजी का हुरंगा(बलदेव), 6.विधवा होली(वृंदावन), 7.धुलेंडी (संपूर्ण भारत), 8.छदीमार होली (गोकुल), 9.रंगीन फुव्वारे (डीग), 10. ब्रजहोली महोत्सव (डीग, कामां, भरतपुर)।
डॉ डिम्पल सैनी




