Uncategorized

निबन्ध लेखन –  चरणस्पर्श- रिंकी माथुर अजमेर राजस्थान

 

चरण स्पर्श क्यों जरूरी है क्यों करना चाहिए हमें अपने से बड़ों का चरण स्पर्श करने से क्या मिलता है, हमारी सनातन संस्कृति में चरण स्पर्श का महत्व है हम अपने से बड़ों के आगे झुकते हैं हमने अपने बड़ों को उनके बड़ों के आगे झुकते देखा है यही हमारी भारतीय संस्कृति है।
चरण स्पर्श से एक तो हमारा हम नष्ट होता है हमारे अंदर नम्रता आती है अभियान खत्म होता है जब हम झुकते हैं अपने माता-पिता के चरण स्पर्श करते हैं आदर सम्मान से अपने गुरु के चरण स्पर्श करते हैं या फिर किसी सम्माननीय व्यक्ति के आगे झुकते हैं उनके चरण स्पर्श करते हैं यह हमारे अंदर विनम्रता के भाव को बढ़ाता है और दूसरे व्यक्ति को भी महत्व का एहसास होता है। शास्त्रों में भी कहा गया है कि बड़ों के चरण स्पर्श करके उनसे आशीर्वाद लेना चाहिए श्री राम अपने माता-पिता और गुरु के नित्य चरण स्पर्श करके ही शेर के लिए जाते थे विशिष्ट तौर पर जब आप किसी जरूरी काम से कहीं जा रहे हो तो हमें अवश्य ही अपने से बड़ों का अपने माता-पिता के चरण स्पर्श करके उनका आशीर्वाद लेकर ही घर से निकलना चाहिए।
जब आप गुरु के चरणों को स्पर्श करते हैं तो आप अहंकार अज्ञान और अंधकार का नाश करते हैं बच्चों को हमें सीखना चाहिए कि रोज सुबह उठकर अपने घर के बड़ों दादा-दादी माता-पिता के चरण स्पर्श करें तभी वह अपनी आने वाली पीढ़ी को भी सीख सकेंगे। आज के समाज में बच्चों में अच्छे संस्कार डालना बहुत जरूरी है क्योंकि वे अपने बड़े बुजुर्गों के आगे श्रद्धा से सम्मान से झुकी उनके चरण स्पर्श करें जो कि आजकल बहुत कम देखने को मिलता है आधुनिकता के दौर में जब कई-कई घरों में माता-पिता की उनके बच्चे चरण स्पर्श नहीं करते तो उनके बच्चे भी अपने माता-पिता से यही सिखाते हैं हम आने वाले समाज को क्या दे रहे हैं आने वाली पीढ़ी को हम क्या दे रहे हैं अच्छे संस्कार ही सबसे बड़ी पूंजी है।
जब हम झुकते हैं तभी हमें आशीर्वाद मिलता है अगर हम झुकेंगे ही नहीं तो हमारे बड़े हमें क्या बोलकर आशीर्वाद देंगे इसीलिए चरण स्पर्श का बहुत गहरा महत्व है और इसे हम सबको समझना चाहिए हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम अपने बच्चों को यह संस्कार जरुर दें ताकि वह एक अच्छे भविष्य का निर्माण कर सके और हमारी संस्कृति की पहचान को सामने ला सके

रिंकी माथुर
अजमेर राजस्थान

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!