रचनाकारों के लिए प्रेरणा बने वरिष्ठ पत्रकार जे पी शर्मा — ललिता सिंह भोला जयपुर

लिखते रहने का शौक बचपन से ही था । पापा के कहने पर बेटा लिखते रहना हमेशा , इसे छोड़ना मत । इसके बाद से मैं उनके कथनानुसार थोड़ा सिरियस ही लेखनी पर ध्यान देना शुरू कर दिया था।जब भी भाव आते मैं पन्ने पर उतार लेती । गद्य पद्य दोनों में ही लिख रही थी । इस तरह कविताएं लिखते लिखते अनेक वर्ष बीत गए लेकिन कोई अखबार में या पत्रिका में छपने का अवसर नहीं मिला था। चूंकि हर लेखक का सपना होता है कि उसकी रचना अवश्य ही छपे । परंतु कोई रास्ता नही पता था। कैसे आए पत्र पत्रिकाओं में।
ऐसे में एक दिन पत्रकार जेपी शर्मा जी ने मेरी कविता मंगवाईं। कुछ दिन बाद मेरी कविता एक अखबार में प्रकाशित हुई। पढ़कर मेरे और मेरे परिवार का खुशी का ठिकाना न रहा, माँ वीणापाणि को कोटि-कोटि नमन किया, साथ ही साथ वरिष्ठ पत्रकार जेपी शर्मा जी का बहुत बहुत धन्यवाद आभार व्यक्त किया। मेरी लेखनी को उड़ान मिला मेरे हौंसलें को उड़ान मिला।
उसके बाद न जाने कितने ही पत्र पत्रिकाओं अखबारों में मेरी लेखनी को स्थान मिला। भास्कर न्यूज से तो मुझे 5 सितंबर 2024 को सम्मानित भी किया गया है।
आज मेरे जैसे न जाने कितने ही रचनाकार को उड़ान दिया है वरिष्ठ पत्रकार जेपी शर्मा जी ने। ईश्वर का दूत बनकर आए इन शख्स को इस आलेख के माध्यम से बहुत बहुत धन्यवाद व्यक्त करती हूंँ।
ललिता सिंह “भोला “




