सृष्टि मन सहित तीन कृतियों की वर्षगांठ पर मिला अपार स्नेह, सुनीता त्रिपाठी ‘अजय’ ने जताया आभार

जयपुर। जयपुर की साहित्यकार सुनीता त्रिपाठी अजय ने अपनी चर्चित कृतियों सृष्टि मन, तेरे लिए,सृष्टि मन का सागर विमोचन की वर्षगांठ के अवसर पर प्राप्त शुभकामनाओं और बधाई संदेशों के लिए सभी का हृदय से आभार व्यक्त किया है।
उन्होंने कहा कि पाठकों, मित्रों और साहित्य प्रेमियों का स्नेह व उत्साह ही उनकी लेखनी की सबसे बड़ी प्रेरणा है। उन्होंने सर्वप्रथम अपने परिवार के सभी सदस्यों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि परिवार का सहयोग ही उनके साहित्यिक सफर की मजबूत नींव है।
इसके पश्चात उन्होंने सम्पर्क संस्थान परिवार तथा संस्थान के आ.अध्यक्ष अनिल सर जी का विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया। साथ ही न्यूज धमाका के रघुवंश मणि सिंह, नजर इंडिया के जेपी शर्मा तथा बुलन्दी संस्थान के प्रमुख विवेक बादल बाज़पुरी के प्रति भी उन्होंने आभार व्यक्त किया।
उन्होंने आगे बताया कि राब्ता फाउंडेशन के संस्थापक शिवम झा सहित डाॅ. शकुन्तला सरूपरिया, डाॅ.नन्द भारद्वाज, कुन्ती हरिराम, आशा हलधर, रविन्द्र सिंह, हिमाद्री वर्मा ‘समर्थ’, पुनिता, कामाक्षी ऋतु राधे, राजेश्वरी सुजाता, रिया मनोज, ऋतु रागिनी, प्रेमलता, डॉ. तरुण राय कागा, अमित-वंदना, सुरंगमा, एकलव्य और प्रणय, आनंद राजेश्वरी सुधा, दौलत, गोपाल ललित, विधा, पिन्टू सहित सभी मित्रों, सहयोगियों और शुभचिंतकों के स्नेहिल संदेश उनके लिए अत्यंत प्रेरणादायक हैं।
साहित्यकार सुनीता त्रिपाठी ‘अजय’ ने कहा कि सभी का यह प्रेम, सम्मान और प्रोत्साहन उन्हें भविष्य में भी निरंतर साहित्य सृजन के लिए प्रेरित करता रहेगा।



