प्रोजेक्ट तेजस्वी से महिलाओं को आत्मनिर्भरता की नई राह

झोटवाड़ा, जयपुर। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से झोटवाड़ा ब्लॉक के लालचंदपुरा एवं गणेश वाटिका स्थित नंद घर केंद्रों पर प्रोजेक्ट तेजस्वी के अंतर्गत सामुदायिक मोबिलाइजेशन एवं पंजीकरण शिविरों का आयोजन किया गया। शिविरों को महिलाओं का उत्साहजनक प्रतिसाद मिला, जिसमें 300 से अधिक महिलाओं ने पंजीकरण कर रोजगार एवं उद्यमिता कार्यक्रमों से जुड़ने में रुचि दिखाई। अनिल अग्रवाल फाउंडेशन के वित्तपोषण से संचालित इस परियोजना का क्रियान्वयन समहिता–कलेक्टिव गुड फाउंडेशन के सहयोग से आसरा फाउंडेशन जयपुर द्वारा किया जा रहा है। परियोजना का उद्देश्य महिलाओं को कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार, उद्यमिता, वित्तीय साक्षरता तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़कर उन्हें स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है।
शिविर के दौरान महिलाओं का प्रोफाइल पंजीकरण किया गया तथा उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के विभिन्न अवसरों, कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों, उद्यमिता विकास, वित्तीय साक्षरता तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। साथ ही उन्हें प्रशिक्षण कार्यक्रमों, स्वरोजगार के अवसरों एवं भविष्य में उपलब्ध होने वाले रोजगार के अवसरों से जुड़ने की प्रक्रिया के बारे में भी विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
परियोजना वर्तमान में जयपुर जिले में मोबिलाइजेशन चरण में संचालित की जा रही है। इसके अंतर्गत 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग की युवतियों एवं महिलाओं को रोजगार के अवसरों से तथा 18 से 55 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं को उद्यमिता एवं स्वरोजगार कार्यक्रमों से जोड़ा जाएगा, जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।
शिविर को सफल बनाने में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाओं, स्थानीय समुदाय, समहिता–कलेक्टिव गुड फाउंडेशन तथा आसरा फाउंडेशन जयपुर की फील्ड टीमों की सक्रिय एवं महत्वपूर्ण भूमिका रही। बड़ी संख्या में उपस्थित महिलाओं ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के शिविर महिलाओं को रोजगार, स्वरोजगार, कौशल विकास एवं सरकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं तथा इनके माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में नई संभावनाएँ प्राप्त हो रही हैं। इस अवसर पर आसरा फाउंडेशन जयपुर से मंगला शर्मा ने बताया कि प्रोजेक्ट तेजस्वी के माध्यम से महिलाओं को केवल पंजीकरण तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें उनकी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप कौशल विकास प्रशिक्षण, रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ते हुए आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में जयपुर जिले के विभिन्न नंद घर केंद्रों एवं अन्य क्षेत्रों में भी इसी प्रकार के सामुदायिक मोबिलाइजेशन एवं पंजीकरण शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को उद्यमिता, आजीविका एवं रोजगार के स्थायी अवसर उपलब्ध कराए जा सकें।




