डॉ. पुष्पेंदर दहिया ने हासिल की विधि में पीएच.डी., शोध उपलब्धि से श्रीगंगानगर में हर्ष की लहर

स्वतंत्र पत्रकार घनश्याम शर्मा श्रीगंगानगर
श्री गंगानगर, 29 अगस्त 2026 – महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर द्वारा डॉ. पुष्पेंदर दहिया को विधि (LAW) विषय में डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान किए जाने की सूचना से पूरे शहर में हर्षोल्लास की लहर दौड़ गई है। डॉ. पुष्पेंदर ने अपने शोध प्रबंध “साइबर अपराध और पोर्नोग्राफी के विशेष संदर्भ में बाल शोषण का एक आलोचनात्मक विश्लेषण: एक भारतीय परिप्रेक्ष्य” के लिए यह प्रतिष्ठित उपाधि अर्जित की है, जो आज के डिजिटल युग में अत्यंत सामयिक और सार्थक विषय है।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर डॉ. पुष्पेंदर ने सबसे पहले अपने स्वर्गीय पिता श्री केसराराम दहिया का स्मरण किया, जो जिला आबकारी अधिकारी के पद पर रहे तथा एक सच्चे अम्बेडकरवादी विचारक एवं महान समाज सुधारक थे, जिन्होंने बिना किसी जाति-पाति एवं धर्म के भेदभाव के सदैव दलितों, वंचितों तथा समाज के हर वर्ग की सहायता की और सुख-दुख में हर किसी का साथ दिया; साथ ही उन्होंने अपनी स्वर्गीय माता श्रीमती मंजू दहिया को भी नमन किया, जिनके आशीर्वाद और संस्कारों ने उन्हें जीवनपथ पर अग्रसर किया।डॉ. पुष्पेंदर ने इस सफलता का श्रेय अपने गुरु एवं शोध निर्देशक डॉ. कुलदीप सिहाग (प्रिंसिपल, डी.ए.वी. लॉ कॉलेज, श्री गंगानगर) को देते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में पीएच.डी. करना उनके लिए सौभाग्य की बात रही और उनके बिना यह कार्य संभव नहीं था। इस अवसर पर उन्होंने घनश्याम शर्मा व अन्य सभी परिजनों एवं साथियों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उन्हें हर पड़ाव पर प्रोत्साहित किया और इस यात्रा में अटूट सहयोग दिया, जिसके कारण आज डॉ. पुष्पेंदर ने अपने माता-पिता के सपनों को साकार करते हुए यह गौरवपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।




